सिटी पोस्ट लाइव
पटना : कई आपराधिक वारदातों के आरोपी बाहुबली आरजेडी विधायक रीतलाल यादव को बेऊर जेल से भागलपुर जेल में भेज दिया गया है। इसके पीछे बड़ी डराने वाली वजह बताई जा रही है। रीतलाल यादव के भाई पींकू यादव को बेऊर जेल से उठाकर पहले ही भागलपुर जेल भेजा जा चुका है। बिल्डर से रंगदारी मांगने के आरोप में बाहुबली रीतलाल यादव, उनके भाई पींकू यादव और साले चीकू तीनों बेऊर जेल के एक ही खंड में बंद थे, लेकिन पहले रीतलाल यादव के भाई पींकू यादव को भागलपुर जेल भेज दिया गया था और अब रीतलाल यादव को भी भागलपुर जेल भेज दिया गया है। जब पींकू यादव को भागलपुर जेल भेजा गया था, तब यह कयास लगाए जा रहे थे कि रीतलाल यादव, उनके भाई पींकू यादव, और साले चीकू तीनों एक ही खंड में बंद हैं। तीनों की आपस में खूब गपशप हो रही है। प्लान बना रहे हैं, इसे तोड़ने के लिए इनमें से एक और रीतलाल के सबसे करीबी उनके भाई पींकू यादव को भागलपुर जेल भेज दिया गया है, लेकिन अब तो रीतलाल को भी पीछे से उसी जेल में भेज दिया गया, जहां उनके भाई पींकू यादव को भेजा गया था। तो इसके पीछे का सच यह था कि रीतलाल यादव और उनके भाई बेऊर जेल में बंद थे, तो न उन्हें ऐसा लग रहा था कि वे जेल में हैं, न उनसे कांपने वाले कारोबारियों को ऐसा लग रहा था कि रीतलाल कहीं गए हैं। रीतलाल के लिए भी बेऊर जेल घर जैसा ही था। सूत्रों के मुताबिक, वे खूब आराम से मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल कर रहे थे, अपने लोगों को बुलाकर उनसे मिल भी रहे थे, इससे रीतलाल की दहशत कम होने के बजाए और बढ़ रही थी। बेऊर जेल से रीतलाल यादव और आराम से ऑपरेट कर रहे थे, क्योंकि वे पटना के स्थानीय निवासी हैं। उनके सारे लोग पटना के ही हैं। जिसे मिलना हो रहा था, वह बेऊर जेल जाकर पूरे आराम से मिल रहा था। बेऊर जेल रीतलाल यादव का कार्यालय बन गया था, इसीलिए रीतलाल यादव को भागलपुर जेल भेजा गया है। अब अगर पटना के उनके लोगों को उनसे मिलना होगा, तो उन्हें लंबी दूरी तयकर पहले भागलपुर जाना होगा, फिर भागलपुर जेल जाकर उनसे मुलाकात करनी होगी।दानापुर रेलवे स्टेशन से कोथावांं गांव के रास्ते के बीच कभी साइकिल छीनने वाले रीतलाल यादव आज इतने बड़े बाहुबली और माननीय बन चुके हैं कि पुलिस को भी उन पर शिकंजा कसने के लिए तगड़ी रणनीति बनानी पड़ रही है। जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने सिटी पोस्ट लाइव से खास बातचीत में कहा भी था कि देखिए, रीतलाल ने अपने साथ-साथ अपने भाई पींकू यादव और साले चीकू को भी फंसा दिया। सब बेऊर जेल के एक ही खंड में बंद हैं, लेकिन लगता है सरकार को यह नहीं भाया कि रीतलाल यादव, संगीन आपराधिक मामलों से घिरे उनके भाई पींकू यादव और साले चीकू एक साथ एक ही जेल में रहे और मीटिंग करते रहे। बातचीत होती रहे। इसलिए जैसे ही शासन-प्रशासन को यह खबर मिली कि रीतलाल, उनके भाई पींकू यादव और चीकू यादव की आपस में खूब गप-शप हो रही है। तुरंत पींकू यादव को बेऊर जेल से उठाकर भागलपुर जेल भेज दिया गया और अब रीतलाल यादव को भी भागलपुर जेल भेज दिया गया। सूत्रों की मानें तो रीतलाल के काले कारनामों का चिट्ठा उनके साले चिक्कू यादव के पास होता था। लगा कि अब बचना मुश्किल है, तो सभी ने दानापुर अनुमंडल कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।
रीतलाल यादव को बेऊर जेल से क्यों भेजाइतनी दूर की जेल, पीछे है डराने वाली वजह!