सिटी पोस्ट लाइव : वक्फ की जमीन की जांच करनेवाली जेपीसी ने बड़ा खुलासा किया है.बिहार में सैकड़ों करोड़ रुपये की वक्फ की जमीन बिल्डरों को बेचे जाने का मामला सामने आया है. मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पटना और मुजफ्फरपुर समेत कई प्रमुख शहरों में सैकड़ों करोड़ रुपये की वक्फ की जमीन बोर्ड की जमीन के अवैध रूप से बेचे जाने की ओर समिति का ध्यान आकर्षित किया है.
गौरतलब है कि वक्फ बोर्ड संशोधन बिल-2024 को लेकर गठित जेपीसी की शनिवार को विभिन्न समाज की राय जानने पटना पहुंची थी. समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल के साथ ही समिति के सदस्य डॉ. संजय जायसवाल, दिलेश्वर कामैत, डॉ मो. जावेद, अरुण भारती, असदुद्दीन ओवैसी समेत अन्य सदस्य एवं अधिकारी बैठक में सम्मिलित हुए.इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पटना और मुजफ्फरपुर समेत कई प्रमुख शहरों में वक्फ बोर्ड की सैकड़ों करोड़ रुपये की जमीन धड़ल्ले से बिल्डरों से बेचे जाने की ओर समिति का ध्यान आकृष्ट किया.।
वक्फ बोर्ड बिल पर बनी संयुक्त संसदीय समिति की बैठक में भाजपा प्रदेश मीडिया विभाग के संयोजक दानिश इकबाल ने बिल का समर्थन करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड संशोधन बिल 2024 को गरीब और पिछड़े मुसलमानों के हित में है. इसके लागू होने से वक्फ बोर्ड के कार्यों में पारदर्शिता आएगी एवं भ्रष्टाचार पर लगाम लग सकेगी.वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिमों को सम्मिलित करने का प्रस्ताव स्वागत योग्य है. उन्होंने कहा कि गैर-मुस्लिम में केवल हिंदू नहीं, बल्कि ईसाई, सिख, बौद्ध और जैन समुदाय के लोग भी सम्मिलित हो सकते हैं. इससे बोर्ड के कार्यों में संतुलन और पारदर्शिता बढ़ेगी.उन्होंने समिति के समक्ष सुझाव दिया कि शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड के अलावा अलग-अलग फिरकों के वक्फ बोर्ड का निर्माण उचित नहीं है.