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पटना। राजधानी पटना के शास्त्री नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित त्रिदिवसीय आचार्य कार्यशाला शिक्षा जगत में नए विचारों और रणनीतियों का संगम बनी। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की प्रांतीय इकाई भारती शिक्षा समिति, बिहार के तत्वावधान में यह कार्यशाला न केवल शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धक रही, बल्कि छात्रों के समग्र विकास के लिए एक मार्गदर्शक सत्र के रूप में उभर कर आई। कार्यशाला का शुभारंभ शिक्षाजगत की प्रतिष्ठित हस्तियों के कर-कमलों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पाटलिपुत्र उपभाग के सह संघचालक डॉ. राजेश्वर दुबे, पटना विभाग के विभाग प्रमुख राजेश कुमार, भारती शिक्षा समिति के सेवा कार्य प्रमुख गंगा चौधरी, सचिव उर्मिला कुमारी, सीमेज ग्रुप ऑफ एजुकेशन की निदेशिका प्रो. प्रियदर्शिनी जैन और पटना विश्वविद्यालय के पूर्व प्राध्यापक प्रो. दीपक कुमार शर्मा उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश कुमार मिश्र ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया।
बच्चों का समग्र विकास रहा चर्चा के केंद्र
कार्यशाला के दौरान डॉ. राजेश्वर दुबे ने बताया कि इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में शिक्षकों द्वारा आत्ममंथन किया जाएगा, जिससे बच्चों के बौद्धिक, शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास के नए आयाम तलाशे जा सकें। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक की असली पहचान उसके स्वाध्याय से होती है और यदि शिक्षक स्वयं अध्ययनशील नहीं है, तो वह विद्यार्थियों के संपूर्ण विकास की कल्पना नहीं कर सकता। रोचक शिक्षण के नए आयाम प्रो. प्रियदर्शिनी जैन ने शिक्षकों को कक्षा-कक्ष को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने की युक्तियाँ बताईं, जबकि प्रो. दीपक कुमार शर्मा ने कमजोर छात्रों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने की बारीकियों पर प्रकाश डाला। विभाग प्रमुख राजेश कुमार ने शिक्षा के बदलते परिदृश्य और नई शिक्षा नीति-2020 के आलोक में शिक्षकों के समर्पित योगदान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को निरंतर नवाचारों और शैक्षणिक परिवर्तनों के साथ अद्यतन रहना होगा।
समाज सेवा में योगदान के लिए किया सम्मानित
इस अवसर पर समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अभियंता अरुण कुमार राय, शिवजी भैया, बजरंग दल के पटना विभाग संयोजक राहुल तिवारी और सह सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया, जिनमें निभा सिंह, मधु मालती कुमारी, शिव कुमार साहू, सीमा सिंह, सुशील कुमार शर्मा, अमित कुमार, आलोक कुमार, राकेश कुमार रंजन, सविता शालिनी, गुड्डू कुमार, धनंजय प्रसाद सिंह, मनोज कुमार, अमृता सिन्हा, माधवी कुमारी आदि शामिल रहे। यह त्रिदिवसीय कार्यशाला शिक्षा प्रणाली में नवाचार और समग्र विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। यह केवल शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धक नहीं रही, बल्कि एक प्रभावी शिक्षा प्रणाली की ओर महत्वपूर्ण कदम भी है।