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रोहतास। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तिलौथू – बिहार में विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देते हुए, इस विद्यालय ने राज्य का पहला स्पेस लैब स्थापित किया है। यह लैब भविष्य में बिहार का पहला अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र बनने की ओर अग्रसर है, जिससे राज्य के छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान में शोध और प्रयोग के अद्वितीय अवसर प्राप्त होंगे।
यह स्पेस लैब लगभग डेढ़ साल पहले स्थापित की गई थी, जिसमें ₹25 लाख का निवेश किया गया था। अपनी अत्याधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक संसाधनों के कारण, यह प्रयोगशाला केवल छात्रों के लिए एक अनुसंधान केंद्र बनकर नहीं, बल्कि बिहार में अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीकी शिक्षा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

भविष्य की योजना: अंतरिक्ष केंद्र की स्थापना
अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (ISRO),अहमदाबाद के निदेशक श्री निलेश एम. देशाई एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तिलौथू के प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री अवधेश नारायण सिंह के प्रयासों से यह लैब आने वाले वर्षों में बिहार का पहला अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। इस केंद्र का उद्देश्य छात्रों और शोधकर्ताओं को रॉकेट्री, उपग्रह प्रौद्योगिकी, खगोल विज्ञान, और अन्य अंतरिक्ष अनुसंधान क्षेत्रों में उन्नत प्रशिक्षण और अनुसंधान के अवसर प्रदान करना है।
हम अपने छात्रों को न केवल वैज्ञानिक शिक्षा देना चाहते हैं, बल्कि उन्हें वास्तविक अनुसंधान और नवाचार में भी आगे बढ़ाना चाहते हैं। यह स्पेस लैब भविष्य में एक पूर्ण अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र के रूप में विकसित होगी, जिससे बिहार के होनहार छात्र देश और दुनिया के वैज्ञानिक समुदाय में अपनी पहचान बना सकें।
मैकू राम, प्राचार्य , उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तिलौथू

मिल चुका है बिहार के नंबर वन विद्यालय का पुरस्कार
विद्यालय की इस तरह की उपलब्धि को विभिन्न स्तरों पर सम्मानित और पुरस्कृत किया गया है, जिससे यह राज्य का नंबर वन विद्यालय का पुरस्कार भी प्राप्त कर चूका है। इस पहल से प्रेरित होकर कई अन्य शैक्षणिक संस्थान भी विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को नए स्तर पर ले जाने की योजना बना रहे हैं।
यह स्पेस लैब और प्रस्तावित अंतरिक्ष केंद्र बिहार को विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह पहल न केवल छात्रों को वैज्ञानिक सोच और नवाचार के लिए प्रेरित करेगी, बल्कि उन्हें भविष्य के अंतरिक्ष वैज्ञानिक और शोधकर्ता बनने की दिशा में भी मार्गदर्शन करेगी।
श्री निलेश एम. देसाई, जो इसरो में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, ने इस पहल को अंतरिक्ष शिक्षा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि बिहार में इस स्तर पर स्पेस लैब की स्थापना से बच्चों को वैज्ञानिक अनुसंधान की ओर प्रेरित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने इस पहल को भारत के अंतरिक्ष मिशन के लिए एक सकारात्मक दिशा बताया और जल्द ही यह विद्यालय राज्य का पहला प्रमुख अनुसंधान हब बनेगा साथ ही साथ भविष्य में इसरो के साथ सहयोग के अवसरों के लिए शुभकामनाएं दीं।
निलेश एम. देसाई, निदेशक, इसरो
विद्यालय में इस स्पेस लैब की स्थापना शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम है। यह पहल न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए यह लैब एक अनमोल अवसर प्रदान करेगी। इस तरह की प्रयोगशालाएं हमारे युवाओं को वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में सहायक होंगी। विद्यालय प्रशासन और इस पहल से जुड़े सभी लोगों को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं।
सूर्य प्रताप सिंह, अनुमंडल अधिकारी
जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री मदन राय की प्रतिक्रिया
श्री मदन राय ने इस प्रयोगशाला को बिहार की शिक्षा व्यवस्था के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि बढ़ेगी, जिससे बिहार से भी भविष्य में वैज्ञानिक और अंतरिक्ष शोधकर्ता निकल सकेंगे। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार और शिक्षा विभाग इस तरह की पहलों को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेंगे।
इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं बिक्रम साराभाई अंतरिक्ष प्रदर्शनी के हेड पारेश सरैया जी ने बच्चो को अंतरिक्ष के बारे मे जानकारी दिया और साथ-साथ बच्चो को उज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
स्पेस लैब राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि
विद्यालय में इस स्पेस लैब और प्रस्तावित अंतरिक्ष केंद्र की पहल राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। बिहार में इस स्तर पर स्पेस लैब की स्थापना होना न केवल छात्रों के लिए, बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। इससे युवाओं को वैज्ञानिक सोच विकसित करने और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में अपने सपनों को साकार करने का बेहतरीन अवसर मिलेगा। यह पहल आने वाले वर्षों में बिहार को विज्ञान और तकनीकी अनुसंधान में अग्रणी बनाएगी। मैं खुद भी बिहार के औरंगाबाद जिले से ताल्लुक रखता हूं, इस वजह से भी यह मेरे लिए गर्व का विषय है।
दीपक कुमार सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक, अहमदाबाद

श्री सिंह ने आगे कहा कि इसरो हमेशा देशभर में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, और इस प्रकार की प्रयोगशालाएं छात्रों को रॉकेट साइंस, उपग्रह प्रौद्योगिकी और खगोल विज्ञान में गहराई से सीखने का अवसर प्रदान करेंगी।
उन्होंने विद्यालय प्रधानाध्यापक मैकू राम मंच संचालन शिक्षिक नूतन कुमारी और प्रदर्शनी से जूडे छात्रों को इस अद्वितीय पहल के लिए बधाई दी और आशा व्यक्त की कि भविष्य में यह केंद्र बिहार के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की नई पीढ़ी को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इन प्रतिष्ठित व्यक्तियों के समर्थन से यह स्पष्ट होता है कि यह स्पेस लैब और प्रस्तावित अंतरिक्ष केंद्र बिहार को वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतरिक्ष शिक्षा में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बिहार में शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में एक नई क्रांति लाने वाली इस ऐतिहासिक स्पेस लैब और प्रस्तावित अंतरिक्ष केंद्र को लेकर एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार इस अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए यहां के शिक्षकों को सम्मानित करेंगे।
इस पहल के तहत, विद्यालय के शिक्षकों और वैज्ञानिक शिक्षा को बढ़ावा देने में योगदान देने वाले प्रमुख व्यक्तियों को मुख्यमंत्री द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान न केवल विद्यालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी, बल्कि पूरे बिहार के लिए गौरव का विषय बनेगा। इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं बिक्रम साराभाई अंतरिक्ष प्रदर्शनी के हेड पारेश सरैया जी ने बच्चो को अंतरिक्ष के बारे मे जानकारी दिया और साथ-साथ ही वरिष्ठ वैज्ञानिक इसरो रोहित जी ने बच्चो को उज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।