सिटी पोस्ट लाइव : बिहार की राजनीति में मुस्लिम वोटरों की बहुत अहम् भूमिका होती है. 2023 में हुई जातीय जनगणना के अनुसार, बिहार में 17.7% मुस्लिम हैं.बिहार में लगभग 2.31 करोड़ मुसलमान रहते हैं. ऐसे में सभी दलों की नजर मुस्लिम वोटरों पर है.बीजेपी पासमांदा मुस्लिम को साधने में जुटी है . पिछले चुनाव में पांच सीट जीतने वाली एआईएमआईएम ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है. शुक्रवार देर शाम एआईएमआईएम के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी दो दिवसीय दौरे पर बिहार पहुँच चुके हैं.इसबार उनकी पार्टी इस बार सीमांचल के करीब 50 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
असदुद्दीन ओवैसी शुक्रवार शाम मुस्लिम बहुल सीमांचल के किशनगंज पहुंचेंगे. यहां वह चुनाव की तैयारी को लेकर पार्टी नेताओं के साथ बैठक करेंगे. रात में वह किशनगंज में ही रहेंगे और शनिवार को बहादुरगंज में एक जनसभा को संबोधित करेंगे. उसके बाद दरभंगा जाएंगे. वह दरभंगा से ही मोतिहारी चले जाएंगे. मोतिहारी में रात्रि विश्राम करेंगे. चार मई को मोतिहारी के ढाका में रैली को संबोधित करेंगे. उसके बाद रविवार (04 मई) को गोपालगंज जाएंगे. वहां पर पार्टी नेताओं के साथ बैठक करेंगे. गोपालगंज से रविवार को ही गोरखपुर के लिए निकल जाएंगे.
बिहार के मुस्लिम बहुल क्षेत्र (किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार), मगध, मिथिलांच पर ओवैसी की पार्टी ने ठीक पकड़ बना ली है. इसका असर 2020 के विधानसभा चुनाव में भी दिखा था. उस चुनाव में एआईएमआईएम ने 18 सीटों पर चुनाव लड़ा था. उनमें से 5 सीटों पर जीत हासिल की थी. कई सीटों पर आरजेडी के उम्मीदवारों की हार का कारण भी ओवैसी के उम्मीदवारों को माना गया था. ऐसे में ओवैसी का यह दौरा अहम माना जा रहा है.