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अयोध्या: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ को लेकर अयोध्या तैयार है। 11 से 13 जनवरी तक होने वाले उत्सवों में वीआईपी दर्शन की अनुमति नहीं होगी। इस तीन दिवसीय आयोजन में मंदिर ट्रस्ट ने अंगद टीला पर जर्मन हैंगर टेंट लगाए हैं, जहां 5,000 मेहमानों की मेज़बानी होगी, जिनमें 110 वीआईपी अतिथि शामिल होंगे। ट्रस्ट के अनुसार, इस कार्यक्रम में 5 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
रामलला ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा द्वादशी के दिन दर्शन और पूजन के लिए करीब 2 लाख लोग आएंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामलला का अभिषेक करेंगे और महाआरती में भी भाग लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आम लोग भी इन भव्य आयोजनों का हिस्सा बन सकेंगे।
रामलला प्राणप्रतिष्ठा 11 जनवरी
अंगद टीला पर 11 जनवरी को दोपहर 2 बजे से शाम 3.30 बजे तक जगतगुरु रामानुजाचार्य श्री स्वामी वासुवेदाचार्य जी महाराज श्री राम कथा सुनाएंगे। इस दिन प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर श्रीरामलला का महाभिषेक, श्रृंगार और आरती होगी, जो सुबह 8 बजे से 11 बजे तक और फिर दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। यज्ञ मंडप में 1975 मंत्रों से अग्नि देवता को आहुति दी जाएगी और श्रीराम मंत्र का 6.6 लाख जाप होगा। सुबह 10 बजे से दोपहर 12.20 बजे तक श्रीरामलला महाभिषेक श्रृंगार, भोग और आरती होगी, जबकि श्रीराम राग सेवा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। बधाई गान शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक होगा।
यात्री सुविधा केंद्र पर सुबह 7 बजे से 9 बजे तक संगीतमय संपूर्ण श्रीराम चरित मानस पाठ होगा। अंगद टीला पर दोपहर 3.30 बजे से 5 बजे तक प्रवचन सत्र होगा, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। शाम 5.30 बजे से रात 8.30 बजे तक सांस्कृतिक संध्या में रामलीला मंचन होगा, और स्वाति मिश्रा का गायन भी होगा।
रामलला प्राणप्रतिष्ठा 12 जनवरी
12 जनवरी को रामलला प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर अनुराधा पौडवाल भजन गायेंगी। यज्ञ मंडप में सुबह 8 बजे से 11 बजे तक और फिर दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक 1975 मंत्रों से अग्नि देवता को आहुति दी जाएगी और श्रीराम मंत्र का 6.6 लाख जाप किया जाएगा। इसके बाद श्रीराम राग सेवा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी, जबकि बधाई गान शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक प्रस्तुत किया जाएगा।
अंगद टीला पर दोपहर 2 बजे से शाम 3.30 बजे तक जगतगुरु रामानुजाचार्य श्री स्वामी वासुवेदाचार्य जी महाराज श्री राम कथा सुनाएंगे। इसके बाद शाम 5.30 बजे से रात 8.30 बजे तक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जिसमें रामलीला मंचन और स्वाति मिश्रा का गायन होगा। सुबह 7 बजे से 9 बजे तक संगीतमय संपूर्ण श्रीरामचरितमानस पाठ भी होगा।
रामलला प्राणप्रतिष्ठा 13 जनवरी
13 जनवरी को रामलला प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में कुमार विश्वास राम महिमा बताएंगे और मालिनी अवस्थी लोकगीत प्रस्तुत करेंगी। श्रीराम राग सेवा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी, इसके बाद बधाई गान शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक होगा। अंगद टीला पर दोपहर 2 बजे से शाम 3.30 बजे तक जगतगुरु रामानुजाचार्य श्री स्वामी वासुवेदाचार्य जी महाराज श्री राम कथा सुनाएंगे। इसके बाद दोपहर 3.30 बजे से शाम 5 बजे तक प्रवचन सत्र होगा। शाम 5.30 बजे से रात 8.30 बजे तक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जिसमें मालिनी अवस्थी और कुमार विश्वास भाग लेंगे। यात्री सुविधा केंद्र में 11, 12 और 13 जनवरी को सुबह 7 बजे से 9 बजे तक संगीतमय संपूर्ण श्री रामचरितमानस पाठ होगा।
रामलला प्राण प्रतिष्ठा: 3 दिन पूजा-दर्शन का शेड्यूल, 1 घंटा अतिरिक्त दर्शन
रामलला प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ पर आयोजित होने वाले पूजा और दर्शन कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट ने दो महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब आरती के वक्त दर्शन रोका नहीं जाएगा और शयन के दौरान कपाट 12.30 से 1.30 बजे तक बंद नहीं होंगे।
पूजा-दर्शन का समय:
- मंगला आरती: 4:30 बजे से 4:40 बजे तक
- अभिषेक और श्रृंगार: 4:40 बजे से 6:30 बजे तक
- श्रृंगार आरती: 6:30 बजे
- बाल भोग (कपाट बंद): 9:00 बजे से 9:05 बजे तक
- भोग (कपाट बंद): 9:05 बजे से 11:45 बजे तक
- भोग आरती: 11:45 बजे से 12:00 बजे तक
- देवोत्थान, भोग और आरती: 12:00 बजे
- संध्या आरती: 1:30 बजे
- शयन आरती: 7:00 बजे
- कपाट बंद: 9:30 बजे से 9:45 बजे तक
- आम दर्शन सुबह 6:30 बजे से रात 9:30 बजे तक लगातार होते रहेंगे।
प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ क्यों 11 जनवरी को मनाई जा रही है?
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी, 2024 को पौष शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को हुई थी। एक साल बाद यह तिथि 11 जनवरी को पड़ रही है, इसलिए आयोजन 11 दिन पहले किया जा रहा है।
वीआईपी दर्शन पर रोक
राम मंदिर में 11 जनवरी से प्रतिष्ठा द्वादशी का आयोजन शुरू हो चुका है। ट्रस्ट ने 11 से 13 जनवरी तक राम मंदिर में वीआईपी दर्शन को रोक दिया है। अब केवल आम श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर सकेंगे। नित्य दर्शन (डेली पास) वाले श्रद्धालु भी रामलला के दर्शन कर सकेंगे। वीआईपी और वीवीआईपी दर्शन पर रोक लगाई गई है ताकि सभी भक्तों को समान रूप से दर्शन का अवसर मिल सके। डॉक्टर अनिल मिश्रा, राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य, ने इस निर्णय की पुष्टि की।
राम मंदिर का निर्माण जून 2025 तक पूरा होगा
राम मंदिर का निर्माण अब 3 चरणों में पूरा होगा, और इसकी डेडलाइन अब बदलकर जून 2025 तक कर दी गई है। पहले यह दिसंबर 2024 तक पूरा होने का अनुमान था।
पहला चरण:
- 100% काम पूरा
- निर्माण: मंदिर का ग्राउंड फ्लोर, गर्भगृह
- विराजमान: रामलला
दूसरा चरण:
- 70% काम पूरा
- निर्माण: गर्भगृह के ऊपर का शिखर, फर्स्ट फ्लोर, सेकेंड फ्लोर
- विराजमान: फर्स्ट फ्लोर पर राम दरबार, सेकेंड फ्लोर का निर्णय ट्रस्ट लेगा
तीसरा चरण:
- 50% काम पूरा
- निर्माण: थर्ड फ्लोर, मंडप, परकोटा, बाह्य 7 मंदिर
- विराजमान: परकोटा में सात मंदिर बनाए जाएंगे जिसमें भगवान विष्णु, शिव, ब्रह्मा, गणेश, हनुमान, दुर्गा और सरस्वती स्थापित होंगे।
बाह्य 7 मंदिर में महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, गोस्वामी तुलसीदास, अहिल्या, महर्षि अगस्त्य और निषादराज, माता शबरी होंगे।
रामलला प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के आयोजन में देश-विदेश से 8 हजार मेहमान शामिल हुए। इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गर्भगृह में मौजूद रहे। कार्यक्रम में 4 हजार साधु-संत भी सम्मिलित हुए। दर्शकदीर्घा में 880 उद्योगपति और 93 खिलाड़ी भी उपस्थित थे, जिनमें रतन टाटा, मुकेश अंबानी, गौतम अडाणी जैसे बड़े नाम शामिल थे। इस कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट दुनिया भर में 20 करोड़ लोगों ने एक साथ देखा। तिरुपति बालाजी से 3 टन लड्डू भेजे गए थे और महावीर ट्रस्ट ने सोने का धनुष-बाण रामलला को सौंपा।
राम मंदिर की इस ऐतिहासिक घटना के कारण 8 राज्यों में छुट्टी घोषित की गई थी। इन राज्यों में यूपी, दिल्ली, महाराष्ट्र, गोवा, छत्तीसगढ़, हिमाचल, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में पूरे दिन की छुट्टी रही, जबकि मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, गुजरात, त्रिपुरा और असम में आधे दिन की छुट्टी की गई।