सिटी पोस्ट लाइव
भोजपुर। आरा के आधुनिक मशीनों से सुसज्जित मॉडल सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के ऑब्जरवेशन कक्ष में एक अनोखा मामला देखने को मिला। डायरिया से ग्रसित एक मरीज की पत्नी ने अस्पताल में ही पारंपरिक तरीकों से उसका उपचार करने की कोशिश की। उसने झाड़-फूंक किया और दीया जलाकर आरती उतारी, जिससे वार्ड में मौजूद लोग अचंभित रह गए। यह घटना वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई और बड़ी संख्या में लोग इसे देखने के लिए इकट्ठा हो गए।
जानकारी के अनुसार, मरीज की पहचान टाउन थाना क्षेत्र के भलुहीपुर मोहल्ला निवासी स्वर्गीय नीलू यादव के पुत्र धनपाल यादव के रूप में हुई। उसकी पत्नी का कहना था कि वह पिछले दो महीनों से बीमार चल रहे हैं और कई स्थानों पर इलाज कराने के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ। जब वे आरा सदर अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टरों ने उसे डायरिया से पीड़ित बताया और इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू किया।
इसी बीच, किसी ने महिला को यह कह दिया कि उसके पति पर जादू-टोना किया गया हो सकता है, जिसके कारण उनकी तबीयत बिगड़ रही है। यह सुनकर महिला ने वार्ड में ही झाड़-फूंक और आरती करने का फैसला किया। हालांकि, अन्य मरीजों के परिजन और सुरक्षा कर्मियों के विरोध करने पर वह अपने पति को लेकर अस्पताल से चली गई। इस घटना पर सिविल सर्जन शैलेंद्र सिंहा ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी, लेकिन वीडियो देखने के बाद मामले की जांच की जा रही है।