शॉर्ट सर्किट से लगी आग में 15 घर जलकर खाक, लाखों की संपत्ति नष्ट

Rahul
By Rahul

सिटी पोस्ट लाइव

बेतिया (मझौलिया)। बेतिया जिले के मझौलिया प्रखंड स्थित सरिसवा गांव, वार्ड नंबर 9 में 31 मार्च की रात एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। करीब रात 11 बजे शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई, जिससे लगभग 15 घर जलकर राख हो गए। इस आगजनी की घटना में लाखों रुपये की संपत्ति, मवेशी, नगद राशि, कपड़े, और अन्य घरेलू सामान जलकर खाक हो गए।

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बताया जा रहा है कि आग बिजली के पोल से शॉर्ट सर्किट होने के कारण लगी। पोल से निकली चिंगारी घरों तक पहुंची और धीरे-धीरे आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते आग ने पूरे गांव को अपनी चपेट में ले लिया और कई घरों को नष्ट कर दिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि गांव में भगदड़ मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकलने लगे और इधर-उधर भागने लगे।

स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया

सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक लगभग 15 घर जलकर राख हो चुके थे। इन घरों में रखा गया सामान, जैसे कपड़े, घर का सारा सामान, मवेशी, और नकद धनराशि पूरी तरह जलकर खाक हो गए। इस हादसे में प्रभावित होने वाले परिवारों में से कुछ लोग तो इतनी बुरी स्थिति में थे कि वे अपने दुख और पीड़ा को शब्दों में नहीं व्यक्त कर पा रहे थे।

कई परिवारों को हुआ नुकसान

आगजनी में प्रभावित होने वाले परिवारों में सुरेश पासवान, जीतन पासवान, फूलसागर पासवान, दुखी पासवान, सिकंदर पासवान, झोटी पासवान, रामचंद्र पासवान, जंगबहादुर पासवान, संतोष पासवान, लखन पासवान, ध्रुप पासवान, संजय पासवान, धुरेंद्र पासवान, रूपेश पासवान आदि शामिल हैं। इन सभी के घरों को पूरी तरह से नुकसान पहुंचा है और परिवार के लोग पूरी तरह से टूट चुके हैं। कई परिवारों ने अपने मवेशियों को खो दिया, जिनकी आजीविका का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थे।

शासन और प्रशासन से मदद की गुहार

इस घटना के बारे में जैसे ही स्थानीय प्रशासन को सूचना मिली, विधायक उमाकांत मौके पर पहुंचे और उन्होंने तत्काल प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री प्रदान की। विधायक ने पीड़ित परिवारों के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया और प्रशासन से भी मामले की गंभीरता से जांच करने का अनुरोध किया।

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की। अग्निशमन विभाग के अलावा, स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी प्रभावित परिवारों को मदद पहुंचाई। राहत कार्य के दौरान, प्रशासन ने पीड़ितों को त्वरित वित्तीय सहायता देने और उनके घरों के पुनर्निर्माण के लिए कदम उठाने की घोषणा की।

गांव में तनाव का माहौल

घटना के बाद सरिसवा गांव में काफी चिंता और तनाव का माहौल है। हालांकि प्रशासन ने पीड़ितों को राहत सामग्री दी है, लेकिन उनकी जिंदगी अब पहले जैसी नहीं रह गई है। ग्रामीणों का कहना है कि आग से बचने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए गए थे, और शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ यह हादसा बहुत बड़ी तबाही लेकर आया।

इस घटना ने गांववासियों को यह सिखाया कि सुरक्षा के उपायों को और बेहतर करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। प्रशासन ने इस घटना की गंभीरता को समझते हुए राहत कार्यों को प्राथमिकता दी है और पीड़ितों की मदद के लिए लगातार काम कर रहा है।

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