राहुल गांधी 15 मई से बिहार में शुरू करेंगे ‘शिक्षा न्याय संवाद’, कन्हैया कुमार ने दी जानकारी

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने सोमवार को पटना स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय, सदाकत आश्रम में आयोजित एक प्रेस वार्ता में आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 15 मई से कांग्रेस ‘शिक्षा न्याय संवाद’ कार्यक्रम की शुरुआत बिहार से करेगी, जिसका उद्देश्य शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी से जुड़े मुद्दों को लेकर युवाओं से संवाद करना है। कन्हैया कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी भाग लेंगे और वह दरभंगा में छात्रों से सीधी बातचीत करेंगे। वहीं, पटना के विभिन्न हॉस्टलों में जाकर एससी-एसटी छात्रों से मुलाकात की जाएगी ताकि शिक्षा और रोजगार की स्थिति पर जमीनी हकीकत जानी जा सके।

बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल कन्हैया कुमार ने कहा कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट में है, जहाँ 3 साल की डिग्री को पूरा करने में 5-6 साल लग जाते हैं। उन्होंने कहा, “बिहार जैसे ऐतिहासिक शिक्षण केंद्र — नालंदा, विक्रमशिला और पटना विश्वविद्यालय होने के बावजूद — आज राज्य की शिक्षा बदहाल है।” उन्होंने ये भी सवाल उठाया कि जब सरकार की तरफ से एससी/एसटी छात्रों के लिए शिक्षा मुफ्त घोषित है, तो फिर कॉलेजों में फीस क्यों ली जा रही है?

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कन्हैया कुमार ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में 4.5 लाख पद खाली पड़े हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया या तो धीमी है या पेपर लीक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने की बजाय उन्हें शिक्षा लोन के जाल में फंसा रही है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 15 का हवाला देते हुए निजी क्षेत्र में भी आरक्षण और भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही कहा कि एससी/एसटी सब-प्लान के फंड को अन्य विकास योजनाओं में खर्च करना दलित विरोधी सोच को दर्शाता है। “हर वर्ग के नौजवानों से होगा संवाद” कन्हैया ने कहा कि ‘शिक्षा न्याय संवाद’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर वर्ग के युवाओं की आवाज़ उठाने का अभियान है। “हमारे नेता राहुल गांधी खुद छात्रों से मिलेंगे, उनकी समस्याओं को सुनेंगे और उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे।”

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