कोरोना की नई लहर से एशिया के इन देशों में हड़कंप.

Manisha Kumari

Covid-19: आ गई , जानिए डरने की कितनी जरूरत?

सिटी पोस्ट लाइव :कोरोना महामारी का खौफ एकबार फिर दुनिया को सताने लगी है. दुनिया में एक बार फिर कोरोना धीरे-धीरे पांव पसार रहा है.एशिया में कोरोना वायरस ने दबे पैर दस्तक दे दी है. हांगकांग से लेकर सिंगापुर में कोरोना के नये मामलों ने हड़कंप मचा दिया है., यहां कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इससे हेल्थ अधिकारी चिंतित हो चुके हैं. कोरोना के मामलों में फिर से आई तेजी ने पूरे एशिया में फिर से कोविड की नई लहर का संकेत दिया है.

हांगकांग में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. सेंटर फॉर हेल्थ प्रोटेक्शन में क्मयुनिकेबल डिजीज ब्रांच के चीफ अल्बर्ट औ के अनुसार  कोरोना वायरस की एक्टिविटी अब काफी उच्च स्तर पर पहुंच गई है. सैंपल में कोविड-19 पॉजिटिव आने का प्रतिशत एक साल के हाई लेवल पर पहुंच गया है.कोरोना के डेटा मामलों में चिंताजनक इजाफे को दिखाता है. यानी न केवल कोरोना के मामले आ रहे हैं, बल्कि इससे मौतें भी हो रही हैं.

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

हांगकांग में कोरोना के मामले और इससे होने वाली मौतें करीब एक साल में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं. 3 मई वाले वीकेंड में कोरोना वायरस से हांगकांग में 31 मौतें हुईं. राहत की बात यह है कि अभी कोरोना संक्रमण पिछले दो सालों के पीक तक नहीं पहुंचा है. कोविड से संबंधित डॉक्टरों के पास जाने वालों और अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है. ये संकेत देते हैं कि 70 लाख से अधिक आबादी वाले इस शहर में कोरोना संक्रमण फैल रहा है.

कोरोना एक बार फिर से आम से लेकर खास तक को अपनी चपेट में लेने लगा है. हॉन्ग कॉन्ग के गायक ईसन चैन कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए हैं. कॉन्सर्ट के आधिकारिक वीबो अकाउंट पर एक पोस्ट के मुताबिक, इस हफ्ते होने वाले उनके ताइवान काऊशुंग में कॉन्सर्ट रद्द कर दिए गए हैं.

कोरोना को लेकर सिंगापुर में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. इस महीने वहां के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने करीब एक साल में संक्रमण के आंकड़ों पर पहली बार अपडेट जारी किया है. इसमें यह खुलासा हुआ है कि 3 मई को खत्‍म वीकेंड में अनुमानित कोरोना के मामलों में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. पिछले हफ्ते की तुलना में इस हफ्ते 14,200 कोरोना के नए मामले सामने आए हैं. रोजाना अस्‍पताल में भर्ती होने वालों की संख्‍या में भी करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि जो नए वेरिएंट्स फैल रहे हैं, वे ज़्यादा संक्रामक हैं या फिर पहले से अधिक गंभीर बीमारी का कारण बन रहे हैं.

आमतौर पर सर्दी के मौसम में ही सांस से संबंधित वायरस अधिक सक्रिय होते हैं. लेकिन इस बार गर्मी की शुरुआत होते ही कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं. इससे साफ है कि कोरोना वायरस गर्मी में भी तेजी से फैल सकता है और बड़ी संख्या में लोगों को बीमार कर सकता है.

Share This Article