सिटी पोस्ट लाइव
जिले के पीपराकोठी थाना क्षेत्र में गैस कटर और तेल कटर गैंग की सक्रियता, अफीम तस्करी और शराब तस्करी पर लचर रवैया जैसे मामलों में थानेदार की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। इसके बाद एसपी स्वर्ण प्रभात ने थानेदार पर कड़ी कार्रवाई करते हुए डीआईजी को अनुशंसा पत्र भेजा है। इस कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
पीपराकोठी थानेदार पर आरोप है कि उनके संरक्षण में गैस कटर और तेल चोरी गिरोह सक्रिय था। कोटवा क्षेत्र में पकड़ी गई अफीम की खेप की जांच में यह सामने आया कि उसका संचालन पीपराकोठी थाना क्षेत्र से ही हो रहा था। एएसपी सदर की छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक गतिविधियों का पर्दाफाश हुआ, जिससे थानेदार की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई।
8 महीने में शराब तस्करों पर नहीं हुई कोई कार्रवाई
जांच में यह भी सामने आया कि पिछले 8 महीनों में पीपराकोठी थानेदार द्वारा शराब तस्करों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, जबकि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है। इससे थानेदार की लापरवाही और मिलीभगत की बात और पुख्ता हो गई।
एसपी ने डीआईजी को भेजी अनुशंसा
एसपी स्वर्ण प्रभात ने इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी को पत्र लिखकर थानेदार पर कार्रवाई की अनुशंसा की है। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार में संलिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। एसपी की कार्रवाई के बाद न केवल पीपराकोठी थाने में, बल्कि पूरे जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार, अपराधियों से मिलीभगत और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।