आपातकाल के 50 साल: सम्राट चौधरी बोले – “यह लोकतंत्र का काला अध्याय था, कांग्रेस को करना चाहिए विरोध”

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव

पटना के विद्यापति भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित किया गया था, जिसमें आपातकाल के प्रभावों और उसके लोकतंत्र पर पड़े असर पर चर्चा हुई।

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कार्यक्रम में बोलते हुए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने आपातकाल को “भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय” बताया। उन्होंने कहा, “आपातकाल के दौरान संविधान का गला घोंटा गया, प्रेस की आज़ादी छीनी गई और लाखों लोगों को बिना किसी कारण जेलों में ठूंसा गया। यह हमारे संवैधानिक इतिहास का सबसे दुखद दौर था।”

सम्राट चौधरी के प्रमुख बयान:

  • लोकतंत्र का हनन: “आपातकाल के नाम पर नागरिकों के अधिकार छीन लिए गए थे, यह किसी लोकतांत्रिक देश के लिए शर्मनाक था।”
  • कांग्रेस पर हमला: “जो लोग आज भी कांग्रेस की गोद में खेल रहे हैं, उन्हें आपातकाल का विरोध करना चाहिए, क्योंकि यही वही पार्टी थी जिसने लोकतंत्र को कुचला।”
  • संविधान की अवहेलना: “उस दौर में न केवल प्रेस बल्कि न्यायपालिका तक को दबाया गया। सरकार ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था को ठप कर दिया।”

कार्यक्रम के अन्य वक्ताओं ने भी आपातकाल को लेकर अपने विचार रखे और इस बात पर ज़ोर दिया कि आने वाली पीढ़ियों को इस ऐतिहासिक गलती से सबक लेना चाहिए, ताकि लोकतंत्र की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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