सिटी पोस्ट लाइव
सीतामढ़ी मंडल कारा से एक रहस्यमय मौत की खबर ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है! शराब मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए विचाराधीन कैदी मकेश्वर राय की अचानक हुई मौत ने पुलिस प्रशासन पर सवालों की बौछार कर दी है।
परिजनों का आरोप
यह कोई सामान्य मौत नहीं, बल्कि एक साजिशन हत्या है! उनका दावा है कि मकेश्वर को थाने या जेल में बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसकी जान चली गई। “बीमार नहीं था मकेश्वर, पुलिस की पिटाई से गई जान” – परिवार का सीधा आरोप! पकटोला गांव निवासी मकेश्वर राय को 17 मई की रात डुमरा पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोप था शराब से जुड़ा मामला। 18 मई को भेजा गया जेल। लेकिन सिर्फ दो दिन बाद – 20 मई को – अचानक उसकी तबीयत बिगड़ती है और अस्पताल लाते वक्त रास्ते में उसकी मौत हो जाती है! परिजनों को जब मौत की सूचना दी गई, तो उन्होंने सीतामढ़ी सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया। “हमारे बेटे को मार डाला गया है! ये बीमारी नहीं, ये हत्या है!” – गुस्से से तमतमाए परिजन चीखते नजर आए।
DSP का बयान
“कैदी को था एल्कोहल विदड्रॉल, पर पैर पर चोट के निशान भी हैं” घटना पर सीतामढ़ी के DSP ने प्रेस को बताया “कैदी मकेश्वर राय क्रोनिक एल्कोहलिक था, उसे withdrawal symptoms के चलते anxiety हो रही थी। मेडिकल जांच और पोस्टमॉर्टम के बाद ही सच सामने आएगा।” हालांकि DSP ने यह भी माना कि कैदी के पैर पर जख्म के निशान हैं, और इस पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
जांच की प्रक्रिया शुरू
वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमॉर्टम, मजिस्ट्रेटीय जांच के आदेश घटना की गंभीरता को देखते हुए Magisterial Inquest (मजिस्ट्रेटीय जांच) का आदेश दिया गया है। शव का पोस्टमॉर्टम वीडियोग्राफी के साथ किया जा रहा है और कहा गया है कि सभी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। DSP ने कहा, “जांच के निष्कर्ष आने के बाद सब कुछ पारदर्शिता से जनता के सामने लाया जाएगा।”
सवालों के घेरे में जेल प्रशासन और पुलिस – क्या न्याय मिलेगा मकेश्वर को? इस घटना ने एक बार फिर बिहार की जेल व्यवस्था और पुलिस पर जनता का भरोसा डगमगाया है। क्या मकेश्वर की मौत सचमुच बीमारी से हुई थी? या उसे हिरासत में ही पीट-पीटकर मौत के घाट उतारा गया? आखिर क्यों एक स्वस्थ युवक दो दिनों में मौत के मुंह में चला गया? इन सवालों के जवाब अभी बाकी हैं – और सीतामढ़ी की जनता जवाब मांग रही है।