सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के मुज़फ्फरपुर जिले की 9 वर्षीय दलित बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और फिर इलाज में लापरवाही के चलते हुई मौत को लेकर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक सख्त पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने बलात्कारियों और PMCH अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है।
चिराग पासवान ने पत्र में लिखा कि 26 मई को मुज़फ्फरपुर के कुढ़नी क्षेत्र में एक मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की गई। दुष्कर्म के बाद उसे गंभीर रूप से घायल छोड़ दिया गया, जिसके बाद उसने 6 दिन तक जिंदगी के लिए संघर्ष किया और अंततः 1 जून को पटना के PMCH अस्पताल में उसकी मौत हो गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बच्ची को अस्पताल में लगातार छह घंटे तक एंबुलेंस में तड़पते हुए इंतजार करवाया गया, और किसी डॉक्टर ने तत्काल उपचार नहीं दिया। चिराग ने इसे न केवल प्रशासनिक लापरवाही, बल्कि मानवता के विरुद्ध अपराध बताया।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराधियों के साथ-साथ PMCH के डॉक्टर और स्टाफ भी उतने ही दोषी हैं क्योंकि उन्होंने जानबूझकर इलाज में देरी की, जिससे बच्ची की जान नहीं बचाई जा सकी।

उन्होंने मुख्यमंत्री से तीन प्रमुख मांगें रखीं:
- सभी बलात्कारियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोरतम दंड दिया जाए।
- PMCH प्रशासन, डॉक्टरों और स्टाफ की न्यायिक जांच करवाई जाए।
- लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कर उन्हें तत्काल सेवा से निलंबित किया जाए और कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाए।
चिराग ने कहा कि यह मामला केवल एक बच्ची की मौत नहीं, बल्कि राज्य की संवैधानिक विफलता का प्रतीक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस पर भी चुप रही, तो यही मौन सबसे बड़ा अपराध बन जाएगा।