बिहार विधानसभा में सोमवार को राज्यसभा चुनाव की तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई। मतों की गिनती के बाद चुनाव आयोग ने आधिकारिक परिणामों की घोषणा कर दी है, जिसमें एनडीए ने अपना दबदबा कायम रखा है। नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर ने प्रथम वरीयता के वोटों के आधार पर अपनी जीत सुनिश्चित कर ली है।

किसे मिला कितना समर्थन?
| उम्मीदवार | प्राप्त वोट (प्रथम वरीयता) | परिणाम |
| नीतीश कुमार | 44 | विजयी |
| नितिन नवीन | 44 | विजयी |
| रामनाथ ठाकुर | 42 | विजयी |
| उपेंद्र कुशवाहा | 42 | विजयी |
| शिवेश राम | 30 | हार |
जीत के बड़े मायने;
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना राष्ट्रीय राजनीति में उनके बढ़ते कद और एनडीए के भीतर नई रणनीतियों का संकेत है। उपेंद्र कुशवाहा की जीत ने उनके राजनीतिक भविष्य को संजीवनी दी है और गठबंधन में उनके महत्व को पुन: स्थापित किया है। रामनाथ ठाकुर और नितिन नवीन की जीत के जरिए एनडीए ने अपने कोर वोट बैंक और सामाजिक समीकरणों को सहेजने का सफल संदेश दिया है।

विपक्ष के लिए झटका और ‘नंबर गेम’ की चोट;
जहाँ एनडीए खेमे में उत्साह है, वहीं शिवेश राम की हार ने विपक्षी एकजुटता की पोल खोल दी है। उन्हें मात्र 30 वोट मिले, जो यह दर्शाता है कि विपक्ष अपने विधायकों को एकजुट रखने में नाकाम रहा। चुनाव के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग और कुछ विधायकों की ‘रहस्यमयी’ अनुपस्थिति ने नतीजों को पूरी तरह एनडीए के पक्ष में झुका दिया।