अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर नालंदा में दिखा उल्लास, गिरिराज सिंह बोले योग भारत की अमूल्य देन

Deepak Sharma

“वन अर्थ, वन हेल्थ” के संदेश के साथ सैकड़ों लोगों ने किया योगाभ्यास

सिटी पोस्ट लाइव
नालंदा ऐतिहासिक और बौद्ध विरासत से समृद्ध नालंदा की धरती पर शुक्रवार को 10वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रसिद्ध नालंदा महाविहार परिसर में हुआ, जहां सुबह 6 बजे बौद्ध भिक्षुओं के मंगल पाठ से शुभारंभ हुआ। यह शुभारंभ पूरे वातावरण को अध्यात्म और शांति से भर देने वाला था।

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मुख्य अतिथि और केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने इस अवसर पर कहा कि योग भारत की ओर से विश्व को दिया गया एक अनमोल उपहार है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज 177 से अधिक देशों ने योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना लिया है। इस वर्ष की थीम “वन अर्थ, वन हेल्थ” को रेखांकित करते हुए गिरिराज सिंह ने बताया कि योग न केवल व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था का भी एक अहम हिस्सा बनता जा रहा है।

उन्होंने बताया कि विश्व में योग से जुड़ा उद्योग 70 मिलियन डॉलर से बढ़कर जल्द ही 270 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि योग केवल साधना नहीं, बल्कि आर्थिक संभावनाओं का भी द्वार है।

गिरिराज सिंह ने यह भी अपील की कि योग को सिर्फ 21 जून तक सीमित न रखें, बल्कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। कार्यक्रम में जिले के अधिकारी, शिक्षाविद, छात्र और स्थानीय नागरिकों सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और सामूहिक योगाभ्यास कर इसके लाभों को आत्मसात किया। नालंदा की ऐतिहासिक धरती पर योग दिवस का यह आयोजन न केवल स्वास्थ्य का संदेश लेकर आया, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा को भी विश्व पटल पर एक बार फिर मजबूती से प्रस्तुत किया।

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