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पटना में 27 जून 2025 को भारत निर्वाचन आयोग के तत्वावधान में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 2025 के तहत एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें पटना और मगध प्रमंडल के निर्वाचन पदाधिकारियों को मतदाता सूची की त्रुटिरहित तैयारी के लिए निर्देश दिए गए।बिहार भारत का पहला राज्य बन गया है जहाँ आगामी विधान सभा आम निर्वाचन 2025 की तैयारी के तहत मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान शुक्रवार को पटना समाहरणालय में आयोजित कार्यशाला से शुरू किया गया। यह अभियान भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1 जुलाई 2025 को अर्हक तिथि मानते हुए संचालित किया जाएगा।इस कार्यशाला में पटना और मगध प्रमंडल के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) शामिल हुए। निर्वाचन आयोग के सलाहकार एन.एन. बुटोलिया एवं बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने प्रशिक्षण सत्र को संबोधित किया और विशेष गहन पुनरीक्षण की सभी प्रक्रियाओं, उद्देश्यों, संवैधानिक प्रावधानों और तय समयसीमा पर विस्तार से चर्चा की।
पटना में 27 जून 2025 को भारत निर्वाचन आयोग के तत्वावधान में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 2025 के तहत एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें पटना और मगध प्रमंडल के निर्वाचन पदाधिकारियों को मतदाता सूची की त्रुटिरहित तैयारी के लिए निर्देश दिए गए।
बिहार भारत का पहला राज्य बन गया है जहाँ आगामी विधान सभा आम निर्वाचन 2025 की तैयारी के तहत मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान शुक्रवार को पटना समाहरणालय में आयोजित कार्यशाला से शुरू किया गया। यह अभियान भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1 जुलाई 2025 को अर्हक तिथि मानते हुए संचालित किया जाएगा।
इस कार्यशाला में पटना और मगध प्रमंडल के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) शामिल हुए। निर्वाचन आयोग के सलाहकार एन.एन. बुटोलिया एवं बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने प्रशिक्षण सत्र को संबोधित किया और विशेष गहन पुनरीक्षण की सभी प्रक्रियाओं, उद्देश्यों, संवैधानिक प्रावधानों और तय समयसीमा पर विस्तार से चर्चा की।विज्ञापन
पुनरीक्षण की मुख्य तिथियां:
25 जून – 26 जुलाई 2025: घर-घर सर्वेक्षण
1 अगस्त 2025: प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन
1 अगस्त – 1 सितंबर 2025: दावा-आपत्ति दाखिल करने की अवधि
30 सितंबर 2025: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
पुनरीक्षण क्यों जरूरी?
बुटोलिया ने बताया कि बिहार में पिछला विशेष गहन पुनरीक्षण वर्ष 2003 में किया गया था। लेकिन वर्तमान में शहरीकरण, प्रवासन, नए मतदाताओं की संख्या में वृद्धि, मृतकों के नामों का अद्यतन न होना, और अवैध नागरिकों के नाम सूची में होने जैसी समस्याओं के चलते यह पुनरीक्षण आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि निर्वाचक नामावली की शुद्धता ही स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की नींव है।
प्रक्रिया की प्रमुख बातें
प्रत्येक मतदाता को गणना फॉर्म (Enumeration Form – EF) भरना होगा, जिसे बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर वितरित और संग्रह करेंगे। फॉर्म भरने की सुविधा ऑनलाइन (voters.eci.gov.in) भी उपलब्ध है। बीएलओ द्वारा तीन बार फॉर्म जमा करने का प्रयास किया जाएगा। बीएलओ द्वारा फॉर्म प्राप्ति की रसीद दी जाएगी। फॉर्म समय पर न देने पर प्रारूप सूची में नाम शामिल नहीं किया जाएगा, लेकिन दावा-आपत्ति अवधि में फॉर्म-6 और घोषणा पत्र के माध्यम से नाम जोड़ा जा सकेगा।
तकनीक के प्रयोग पर ज़ोर
पुनरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अब सभी दस्तावेजों को ECINET पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है, जिसे केवल अधिकृत अधिकारी ही देख सकेंगे। ऑनलाइन सत्यापन के लिए भी बीएलओ मतदाता के घर जाकर दस्तावेज़ों की पुष्टि करेंगे। सभी बीएलओ, ईआरओ, एईआरओ को नवीनतम आईटी तकनीकों और प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हर BLO पर्यवेक्षक अपने अधीनस्थ 10 BLO के कार्य का 10% सत्यापन करेगा। Roll Observer द्वारा 250 फॉर्मों की सुपरचेकिंग की जाएगी, जिसमें कम से कम 50 फॉर्म का मैदान स्तर पर सत्यापन अनिवार्य होगा।
मतदान केंद्रों का पुनर्गठन
हर मतदान केंद्र में अधिकतम 1,200 मतदाता ही होंगे। केंद्र का स्थान बदले जाने पर 100% भौतिक जांच एवं GPS डेटा अनिवार्य होगा। केंद्र की फोटो और लोकेशन डेटा ECINET ऐप पर अपलोड किया जाएगा। मतदाता सूची में परिवार के सभी सदस्य एक साथ क्रमबद्ध रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे। घर नंबर न होने की स्थिति में कल्पित घर संख्या का प्रयोग होगा।
सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से BLA (Booth Level Agent) नियुक्त करने का अनुरोध किया गया है। प्रारूप और अंतिम मतदाता सूची को वेबसाइट व प्रेस के माध्यम से सार्वजनिक किया जाएगा। राजनीतिक दलों, मीडिया, RWA और सामाजिक संगठनों को भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए आमंत्रित किया गया है।
प्रमुख अखबारों में विज्ञापन, सोशल मीडिया अभियान, प्रेस नोट और बैठकों के ज़रिए जनता तक जानकारी पहुंचाई जाएगी। बुटोलिया ने अंत में सभी पदाधिकारियों से अभियान को पारदर्शिता, सहभागिता और समयबद्धता के साथ संपन्न कराने का आह्वान किया ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हर पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।