सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे मंच पर आकर बहस करें और यह साबित करें कि उनके स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए कितनी नियुक्तियां की गईं, कितने लोगों के लिए नियमावली बनी और कितनों की नियुक्ति के लिए अनुशंसा की गई।
मंगल पांडे ने कहा कि तेजस्वी यादव पूर्व में हुई नियुक्तियों का क्रेडिट लेने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि जो भी नियुक्तियां हुईं, वह सब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और निर्देश में संपन्न हुई हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि पिछले एक महीने में ही स्वास्थ्य विभाग में 9,000 से अधिक नियुक्तियां हुई हैं और शिक्षा सहित अन्य विभागों में भी नियुक्ति प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
तेजस्वी यादव द्वारा वोटर सूची पुनरीक्षण के दौरान दस्तावेज मांगे जाने पर की गई टिप्पणी को लेकर मंगल पांडे ने पलटवार करते हुए कहा, “ये वही लोग हैं जो कभी नहीं चाहते थे कि चुनाव निष्पक्ष हो। 1990 से 2005 तक का समय देख लीजिए, लोग वोट देने जाते थे, लेकिन वोट गलत लोग डालते थे। सही लोग घरों में बैठे रह जाते थे।”
उन्होंने कहा कि आज चुनाव आयोग पूरी निष्पक्षता के साथ चुनाव कराने को तत्पर है और यदि तेजस्वी यादव को इससे आपत्ति है तो यह साफ संकेत है कि वे पारदर्शी प्रक्रिया से डरते हैं। मंगल पांडे के इस तीखे बयान ने बिहार की सियासत में नई हलचल मचा दी है और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि तेजस्वी यादव इस खुली चुनौती का क्या जवाब देते हैं।