सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा का मॉनसून सत्र आज महागठबंधन के तीखे विरोध प्रदर्शन से गरमा गया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाते हुए सत्ता पक्ष के विधायकों को विधानसभा के मुख्य द्वार से प्रवेश नहीं करने देने की चेतावनी दी। महागठबंधन के सभी विधायक आज काले कपड़े पहनकर विधानसभा पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
राजेश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “किसी भी हालत में हम लोग मुख्य द्वार से किसी भी सत्ता पक्ष के विधायक को आज घुसने नहीं देंगे। हम लोग धरने पर बैठ गए हैं।” उन्होंने दावा किया कि वोटर लिस्ट निरीक्षण के नाम पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है और जानबूझकर पिछड़े, अति पिछड़े, दलित, महादलित और गरीब लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया और भाजपा को इस “साजिश” में पूरी तरह से शामिल बताया।
महागठबंधन के विधायकों का कहना है कि यह गरीबों और वंचितों के मताधिकार पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर ऐसे लोगों को वोट देने से रोकना चाहती है जो उनके खिलाफ मतदान कर सकते हैं। आज विधानसभा के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा होने की आशंका है। महागठबंधन ने इस पूरे मामले पर विधानसभा में चर्चा कराए जाने की मांग की है। राजेश कुमार ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे विधानसभा के अंदर भी अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
इस गंभीर आरोप-प्रत्यारोप के बीच, बिहार की राजनीति में वोटर लिस्ट का मुद्दा एक नया विवाद खड़ा कर रहा है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर सियासी घमासान और बढ़ने की उम्मीद है, खासकर तब जब राज्य में अगले चुनावों की सरगर्मियां तेज हो रही हैं।