ChatGPT का नया फोकस: बेहतर बातचीत के साथ मानसिक सेहत का भी ध्यान!…

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव

AI की दुनिया में अहम बदलाव देखने को मिल रहा है। ओपनAI द्वारा विकसित चैटबॉट चैट-जीपीटी अब न केवल स्मार्ट बातचीत का माध्यम बन गया है, बल्कि यह यूज़र्स की मानसिक सेहत को भी प्राथमिकता देने लगा है। अब नए फीचर्स में आपको लंबे काम के दौरान ब्रेक लेने का रिमांडर मिलेगा।

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दरअसल, भारत में हर दिन 250 करोड़ यूजर्स चैट-जीपीटी से सवाल करते हैं। नए फीचर 30 मिनट से ज्यादा बात करने पर रिमांडर के लिए पूछेगा। इसका मुख्य उद्धेश्य ओवर वर्किंग काम पर कंट्रोल करना है। यह 50 करोड़ साप्ताहिक यूजर्स की मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखेगा। वहीं, कंपनी भविष्य में AI अपग्रेड GPT-5 को लॉन्च करने की योजना बना रहा है। नए फीचर अपग्रेड होने के बाद रिश्ते, आपके करियर या जिंदगी से जुड़े मुश्किल और भावनात्मक सवाल पर अलग-अलग पहलुओं पर सही और शांत से समझाने में मदद करेगा।

हालांकि, ओपनएआई के प्रवक्ता रॉब फ्रीडलैंडर ने आंकड़ों की पुष्टि करते हुए कहा- चैट-GPT सालाना 912.5 अरब सवालों के जवाब दे रहा है। और गूगल पर हर साल 5 ट्रिलियन सवाल सर्च किए जाते हैं। चैट-GPT के 16 प्रतिशत टैरिफ का सबसे बड़ा बाजार भारत और अमेरिका दोनों के साथ है। वहीं, ब्राजील, कनाडा, और फ्रांस जैसे टॉप देशों भी इस लिस्ट में शामिल हैं। जानकारी के लिए बता दें, AI की स्थापना 2015 में हुई थी। इसकी स्थापना इलॉन मस्क, सैम ऑल्टमैन और उनके कुछ दोस्तों ने मिलकर की थी। यह पूरी तरह से जेनेरेटिव AI और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (जैसे चैट GPT) के डेवलपमेंट के लिए जाना जाता है। कंपनी का मुख्य लक्ष्य सेफ और ह्यूमन सेंट्रिक AI डेवलप करना है। यह कंपनी सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया में स्थित है।

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