सिटी पोस्ट लाइव
बिहार पुलिस ने अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए एक बड़ी मुहिम शुरू की है। पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने बताया कि अब अपराध के जरिए अर्जित की गई अकूत संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। यह पहली बार है जब पुलिस इस तरह के बड़े पैमाने पर संपत्ति जब्त करने के लिए न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई कर रही है।
डीजीपी ने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत राज्य भर में 1300 से अधिक अपराधियों की संपत्ति को जब्त किया जाएगा। पहले चरण में, पटना समेत सभी जिलों की पुलिस ने ऐसे 279 अपराधियों के प्रस्ताव न्यायालय को भेजे हैं, जिनकी संपत्ति जब्त की जानी है। इनमें से छह अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का आदेश अलग-अलग जिलों के न्यायालयों से पारित हो चुका है।
विनय कुमार ने बताया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ना है, जिससे अपराध के ग्राफ में गिरावट आएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जब्त की गई संपत्ति के निपटारे के लिए एक महत्वपूर्ण प्रावधान किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट को यह अधिकार दिया गया है कि यदि इन अपराधियों के कारण किसी व्यक्ति को कोई क्षति हुई है, तो जब्त संपत्ति का एक हिस्सा पीड़ित व्यक्ति को मुआवजे के रूप में दिया जा सकता है। यदि ऐसा नहीं होता है, तो जब्त की गई संपत्ति पर राज्य सरकार का मालिकाना हक हो जाएगा।
यह कदम दर्शाता है कि बिहार पुलिस अब केवल अपराध को रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराधियों की आर्थिक जड़ों को भी खत्म करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। डीजीपी विनय कुमार का मानना है कि इस सख्त कार्रवाई से बड़े अपराधी और उनके संगठन कमजोर होंगे और राज्य में कानून व्यवस्था में सुधार होगा।