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NCERT की किताबों में हुए बदलाव को लेकर राजनीतिक सियासत गरमा गई है। इस मामले में विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रही है। वहीं, इसके लिए RSS को इतिहास का सबसे बड़ा विलेन बताया है। आइए जानते हैं किताबों में हुए बदलाव को लेकर राजनीतिक दलों की राय।
दरअसल, NCERT की किताबों में हुए बदलाव को लेकर राजनीतिक बहस हो रही है। इसके लिए विपक्ष ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है। बात ऐसा है कि NCERT ने कक्षा 6 से 8 और 9 से 12 के लिए भारत-पाक बंटवारे पर 2 नए मॉड्यूल जारी किए हैं। ये सामान्य किताबों से पूरी तरह अलग हैं। इसमें लिखा है कि बंटवारे की मांग मोहम्मद अली जिन्ना ने की, कांग्रेस ने इसे मान लिया और लॉर्ड माउंटबेटन ने इसे लागू किया। यह जानकारी “विभाजन के दोषी” नामक हिस्से में दी गई है। इसको लेकर विपक्ष के नेताओँ ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा- इतिहास का कोई सबसे बड़ा विलेन है तो RSS है। उन्होंने जो किया है, पीढ़ियां उनको माफ नहीं करेंगी। RSS ने उस वक्त के 25 साल मुख बंदी और जुगलबंदी करते हुए गुजारे। आडवाणी जिन्ना की मजार पर सजदा करने गए थे। इन्हीं के पार्टी के नेता संदीप दीक्षित ने कहा- मैं NCERT को बहस की चुनौती देता हूं। आज NCERT बीजेपी के कब्जे में है, जिन्हें बंटवारे के बारे में कुछ पता ही नहीं है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है- अगर इतिहास के पन्ने पलटकर देखेंगे तो उसमें कई बातें लिखी हैं कि किस-किस ने माफी मांगी थी, सब सामने आ जाएगा।” इसके अलावा RJD सांसद मनोज कुमार झा ने कहा है कि- इतिहास किसी की सोच से नहीं बदलता, उसका पूरा संदर्भ होता है। ये लोग गांधी को भी दोषी ठहराते हैं, कांग्रेस को नहीं। यही इनकी सोच है। भाजपा को नफरत की भाषा ही आती है और ये नफरत के बीज बोने में माहिर हैं। लेकिन अब ये फसल हमारे देश में नहीं उगने वाली।
गौरतलब है कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस(14 अगस्त) पर NCERT के नए मॉड्यूल तैयार हुए। इसमें भारत विभाजन के लिए मोहम्मद अली जिन्ना, कांग्रेस पार्टी और लॉर्ड माउंटबेटन को दोषी बताया गया। इसकी जानकारी विभाजन के दोषी टॉपिक में दी गई है। जानकारी के लिए बता दें कि NCERT के स्पेशल मॉड्यूल कोर्स का हिस्सार नहीं होते। ये सप्लीमेंट्री मटेरियल होता है जो कोई खास टॉपिक बच्चोंं को समझाने के लिए तैयार किया जाता है। इसे पोस्टंर्स, चर्चाओं और वाद-विवाद के लिए इस्तेमाल करते है। वहीं, हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर को भी स्पेेशल मॉड्यूल में शामिल किया गया।