सिटी पोस्ट लाइव
आज 7 सितंबर को भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा के दिन खग्रास चंद्रग्रहण लगने जा रहा है, जिसका गहरा ज्योतिषीय और धार्मिक महत्व है। यह चंद्रग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में घटित होगा। इस ग्रहण का प्रभाव भारत सहित बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और अन्य हिस्सों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा के अनुसार, चंद्रग्रहण रात 9:57 बजे से शुरू होकर 1:27 बजे तक रहेगा। इसका सूतक काल 9 घंटे पहले, यानी दोपहर 12:57 बजे से ही आरंभ हो जाएगा। इस दौरान धार्मिक और घरेलू कार्यो पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

राशियों पर ग्रहण का प्रभाव
| राशि | प्रभाव |
| मेष | लाभकारी रहेगा |
| वृषभ | सुखसमृद्धि मिलेगी |
| मिथुन | यश और प्रतिष्ठा की प्राप्ति |
| कर्क | कष्टकारी साबित हो सकता है |
| सिंह | मानसिक पीड़ा बढ़ सकती है |
| कन्या | लाभ और सुख की प्राप्ति |
| तुला | चिंता और असमंजस ला सकता है |
| वृश्चिक | व्यथा और मानसिक तनाव |
| धनु | आर्थिक लाभ संभव |
| मकर | हानि और क्षति के संकेत |
| कुंभ | घातक और नुकसानदायक |
| मीन | आर्थिक व मानसिक हानि की आशंका |
सूतक में क्या न करें?
- भोजन पकाना और खाना वर्जित।
- मूर्ति पूजा व मूर्तियों का स्पर्श न करें।
- तुलसी के पौधे को न छुएं।
- गर्भवती महिलाएं चाकूछुरी का प्रयोग न करें।
- चंद्रग्रहण को नग्न आंखों से न देखें।
ग्रहण काल में करें ये कार्य:
ग्रहण के समय को जप, ध्यान और साधना के लिए सबसे उत्तम माना गया है। इस समय में गायत्री मंत्र, हनुमान चालीसा, और हनुमान मंत्र का जाप अत्यंत फलदायक माना गया है। ग्रहण समाप्ति के बाद गंगाजल से स्नान करें और घर में गंगाजल व इत्र का छिड़काव करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और धन, सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
ज्योतिषाचार्य का मानना है कि ग्रहण के समय दानपुण्य करने से भी पापों का क्षय होता है। इस दौरान गुरु, ब्राह्मण या जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, और दक्षिणा देना अत्यंत शुभ होता है।