राघोपुर में तेजस्वी की कुर्सी हिलाने में जुट गए हैं तेजप्रताप?

City Post Live

सिटी पोस्ट लाइव :तेजस्वी यादव अपने बड़े भाई तेजप्रताप यादव को चुनाव लड़ने के लिए एक भी सीट देने को तैयार नहीं हैं.ऐसे में अब तेजप्रताप यादव ने उन्हें सबक सिखाने की ठान ली है.तेजप्रताप यादव तेजस्वी यादव की चुनौती राघोपुर में बढाने की तैयारी में जुट गये हैं. तेजप्रताप यादव का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे राघोपुर इलाके में गरीबों के बीच अनाज बांटते नजर आ रहे हैं.तेजप्रताप ये कहते नजर आये- सरकार आपकी मदद नहीं कर रही है, लेकिन मैं राहत सामग्री बांट रहा हूं. सरकार आपका फेल है और आपका विधायक भी फेल है नांच रहा है गा रहा है…

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बिलकुल तेजप्रताप यादव के निशाने पर तेजस्वी यादव हैं.वो तेजस्वी यादव के वोटरों के बीच राहत सामग्री बाँट कर उनके दिल में अपने लिए खास स्थान बनाने की कोशिश कर रहे हैं साथ ही ये मेसेज देने की कोशिश कर रहे हैं कि तेजस्वी यादव को अपने क्षेत्र की जनता की परवाह नहीं है.जनता बाढ़ से तबाह है और उनका विद्याका नाच गा रहा है.उनकी तबाही का जश्न मना रहा है.. लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे राघोपुर इलाके में गरीबों के बीच अनाज बांटते नजर आ रहे हैं. यह वीडियो महज ‘जनसेवा’ का दृश्य भर नहीं है, बल्कि इसमें गहरी सियासी परतें छिपी हैं. दरअसल राघोपुर, जो लंबे समय से लालू-राबड़ी और अब तेजस्वी यादव का ‘सुरक्षित गढ़’ माना जाता है.

बिहार की राजनीति में राघोपुर विधानसभा सीट की एक अलग पहचान है. इसे ‘लालू परिवार का किला’ कहा जाता है. लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने यहां से कई बार चुनाव जीता. बाद में यह सीट तेजस्वी यादव के हिस्से आई और 2015 तथा 2020 दोनों चुनावों में वे यहां से विधायक बने. तेजस्वी के लिए राघोपुर केवल एक विधानसभा सीट नहीं है, बल्कि राजनीतिक पहचान का आधार है. यही वजह है कि यहां कोई भी हलचल पूरे महागठबंधन और आरजेडी की राजनीति को प्रभावित करती है.तेज प्रताप यादव बाढ़ग्रस्त इलाके में कंबल और भोजन बांटने गये थे. नाव पर सवार होकर तेज प्रताप ने माइक थामकर लालू के अंदाज में लोगों से मुखातिब हुए. लालू के अंदाज में ही उन्होंने लोगों को शांत रहने की अपील की और साथ में क्षेत्र के विधायक आरजेडी के सीएम फेस तेजस्वी यादव को भी नाम नहीं लेते हुए नाम लेकर निशाने पर लिया. तेज प्रताप का यह अंदाज सोशल मीडिया पर अब खूब वायरल हो रहा है.

तेजप्रताप यादव का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. वीडियो में वे राघोपुर के ग्रामीणों को चावल और राशन बांटते दिख रहे हैं. सवाल यह है कि तेजप्रताप, जिनकी राजनीति अब तक मुख्य रूप से पटना और उनके अपने निर्वाचन क्षेत्र हसनपुर तक सीमित रही है, वे अचानक राघोपुर में क्यों सक्रिय हो रहे हैं? यह उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा का संकेत माना जा रहा है.- तेजप्रताप यह दिखाना चाह रहे हैं कि वे भी जनता के बीच हैं और किसी से कम लोकप्रिय नहीं.वो तेजस्वी की ‘मोनोपॉली’ तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. अब तक राघोपुर को तेजस्वी की सीट माना जाता रहा है, लेकिन तेजप्रताप की सक्रियता से यह छवि बदल सकती है.

तेजप्रताप और तेजस्वी यादव की राजनीति में फर्क साफ है. तेजस्वी जहां संगठन, गठबंधन और रणनीति पर फोकस करते हैं, वहीं तेजप्रताप का अंदाज भावनात्मक और आक्रामक है. कई बार तेजप्रताप ने अपने ही पार्टी नेताओं पर निशाना साधा और यहां तक कहा कि वे “कृष्ण” हैं और तेजस्वी “अर्जुन”. लेकिन अब वह अपने ही अर्जुन पर तंज कस रहे हैं. अगर तेजप्रताप और तेजस्वी के बीच यह खींचतान चुनाव तक खुलकर सामने आती है, तो सबसे ज्यादा फायदा एनडीए को मिल सकता है. बीजेपी और जेडीयू पहले से ही आरजेडी पर परिवारवाद और अंदरूनी कलह का आरोप लगाते रहे हैं. तेजप्रताप का वीडियो भले ही अभी गरीबों को राहत पहुंचाने का दिखे, लेकिन चुनावी चश्मे से देखने पर यह साफ तौर पर ‘पावर शो’ है.

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