सिटी पोस्ट लाइव : मीडिया में ये खबर चल रही है कि इसबार बीजेपी मंत्री बने सभी विधान पार्षदों को विधान सभा चुनाव में उतारेगी .मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंगल पाण्डेय को पार्टी विधान सभा चुनाव में उतारेगी.सम्राट चौधरी परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से और मंगल पांडेय सिवान जिले की किसी सीट से चुनाव लड़ेगें.लेकिन सिटी पोस्ट लाइव की खबर के अनुसार सम्राट चौधरी परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से नहीं बल्कि राजधानी पटना की एक विधान सभा सीट से चुनाव लड़ेगें .
मीडिया में तो ये खबर चल रही है कि सम्राट चौधरी का सियासी मुकाबला परबत्ता विधानसभा क्षेत्र में होने की संभावना है. इसमें एक ओर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और दूसरी ओर डॉ संजीव कुमार हो सकते हैं, जो मौजूदा समय में इसी सीट से जदयू के विधायक हैं.उपमुख्यमंत्री और विधान परिषद सदस्य सम्राट चौधरी भी इस बार विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं.मीडिया में चर्चा है कि वे परबत्ता सीट से चुनावी रण में उतर सकते हैं.लेकिन सिटी पोस्ट लाइव के सूत्रों के अनुसार वो पटना शहर की एक सीट से चुनाव लड़ सकते हैं.
मंगल पाण्डेय सिवान जिले से आते हैं.वो सिवान विधान जिले की किसी विधान सभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं.उन्हें विधान सभा चुनकर तैयारी करने का निर्देश दे दिया गया है.लेकिन अभीतक मंगल पाण्डेय ये खुलासा नहीं किया है कि किस सीट से लड़ेगें.इसबार पार्टी ने तय आर लिया है कि कम से कम विधान परिषद् सदस्यों को मंत्री बनायेगी.जिन्हें मंत्री बनना है, उन्हें चुनाव लड़ना होगा.इसी नियम के तहत मंगल पाण्डेय और सम्राट चौधरी को चुनाव लड़ना पड़ेगा. परबत्ता विधानसभा सीट से सम्राट चौधरी के चुनाव लड़ने की खबर सही नहीं है.
2000 में सम्राट चौधरी (तब राकेश कुमार के नाम से) ने निर्दलीय उम्मीदवार रामानंद प्रसाद सिंह को हराकर पहली बार परबत्ता से जीत दर्ज की थी. लेकिन 2004 में उनके निर्वाचन को रद्द कर दिया गया, जिसके बाद उपचुनाव में जदयू के रामानंद प्रसाद सिंह ने उन्हें शिकस्त दी. इसके बाद 2005 में दो बार चुनाव हुए—फरवरी और अक्टूबर में—और दोनों ही बार सम्राट चौधरी को हार का सामना करना पड़ा. फरवरी में राजद के टिकट पर और अक्टूबर में निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए वे रामानंद प्रसाद सिंह से पराजित हुए.
सम्राट चौधरी बिहार बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे बिहार में हैं.चुनाव में उन्हें पार्टी के लिए हर सीट पर प्रचार करना है.इसलिए पार्टी उन्हें किसी ऐसी सेफ सीट से चुनाव लड़ाना चाहती है, जहाँ उन्हें ज्यादा समय नहीं देना पड़े.परबत्ता से लड़ेगें तो म्हणत करनी पड़ेगी.ज्यादा समय देना पड़ेगा साथ ही जेडीयू के विधायक डॉक्टर संजीव कुमार उनके सामने होगें. ऐसे में उन्हें पटना साहिब की सीट से चुनाव लड़ाने का फैसला लिया जा सकता है.पटना साहिब बीजेपी की परम्परागत सीट है.नंदकिशोर यादव यहाँ से लगातार चुनाव जीतते रहे हैं.इस क्षेत्र में कुशवाहा वोटरों की संख्या भी ठीकठाक है.