मुंगेर में लालू-तेजस्वी के MY समीकरण पर दागा निशाना, बोले- 17% मुसलमान CM क्यों नहीं बन सकता?

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान से पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुंगेर में एक बड़ी सियासी बिसात बिछाई है। पहली बार मुंगेर पहुंचे ओवैसी ने अपनी पार्टी के प्रत्याशी और पूर्व मंत्री मोनाजिर हसन के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए मुस्लिम समुदाय को गोलबंद करने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) दोनों पर तीखा हमला बोला।

‘मुसलमान कौम नमकहराम नहीं है, बस हकदारी चाहती है’
मुंगेर विधानसभा क्षेत्र में करीब 30 हजार से अधिक मुस्लिम मतदाता हैं, जिन्हें साधने के लिए ओवैसी ने भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा कि “मुसलमान कौम नमकहराम नहीं है। यह बस बराबरी की हकदारी चाहती है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर तंज कसते हुए ओवैसी ने कहा कि जब पीएम बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, तो उनके ही नेता मुसलमानों को नमकहराम क्यों कहते हैं?

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लालू-तेजस्वी पर हमला: ‘झगड़ा राजगीर-बेटे की चिंता का’
ओवैसी ने महागठबंधन के नेताओं, विशेषकर लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने महागठबंधन से कुछ सीटें मांगी थीं, लेकिन उन्होंने नहीं दीं और अब वे गिरेबान झांक रहे हैं। नीतीश कुमार को राजगीर की चिंता है तो लालू प्रसाद को अपने बेटे (तेजस्वी यादव) की। मुसलमान अब किसी के झांसे में आने वाले नहीं हैं।”

ओवैसी ने आरोप लगाया कि दशकों से मुसलमानों के वोट का इस्तेमाल सिर्फ सत्ता हासिल करने के लिए किया गया, जबकि बदले में समुदाय को सिर्फ उपेक्षा मिली। उन्होंने साफ कहा कि अब आर-पार की लड़ाई होगी और मुसलमानों को अपना हक खुद लेना होगा।

‘जंगलराज पार्ट-1 और पार्ट-2’ का आरोप
ओवैसी ने राजद और एनडीए दोनों सरकारों पर हमला बोलते हुए उन्हें ‘जंगलराज’ करार दिया। उन्होंने कहा कि लालू का 15 साल का शासन ‘जंगलराज पार्ट-1’ था, जबकि मौजूदा एनडीए सरकार ‘जंगलराज पार्ट-2’ है। उनका आरोप था कि दोनों ने मुसलमानों को केवल वोट बैंक बनाकर सत्ता का सुख भोगा। भाजपा को घेरते हुए उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ की हकीकत पर सवाल उठाया और कहा कि भाजपा ने एक भी मुसलमान को टिकट नहीं दिया।

17% मुस्लिम मुख्यमंत्री क्यों नहीं?
उन्होंने महागठबंधन और वीआईपी प्रमुख मुकेश साहनी पर तंज कसते हुए बड़ा सवाल उठाया, “महागठबंधन में तीन फीसदी (मुकेश साहनी) वाला उपमुख्यमंत्री बनने का दावा कर सकता है, लेकिन 17 फीसदी वाला (मुस्लिम समुदाय) मुख्यमंत्री बनने का सपना क्यों नहीं देख सकता? 17 फीसदी वाले मुसलमान अपने ही वोट से किसी और को मुख्यमंत्री बना सकते हैं तो खुद क्यों नहीं बन सकते।”

AIMIM की बिसात: मोनाजिर हसन तुरुप का पत्ता
मुंगेर सीट से AIMIM ने पूर्व मंत्री मोनाजिर हसन को मैदान में उतारा है, जो पहले जदयू और राजद के साथ रहकर कुल चार बार विधायक रह चुके हैं। मोनाजिर हसन के लिए ओवैसी का मुंगेर पहुंचना मुस्लिम वोटरों को गोलबंद करने और राजद के पारंपरिक एम-वाय (मुस्लिम-यादव) समीकरण में सेंध लगाने की ओवैसी की रणनीति का हिस्सा है। सदर प्रखंड स्थित चरवाहा विद्यालय में हुई इस जनसभा के जरिए ओवैसी ने राजद के मजबूत वोट बैंक में सेंध लगाने की जुगत बिठाई है।

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