बिहार एनडीए संकल्प पत्र 2025: ‘विकसित बिहार’ का रोडमैप जारी, 4 शहरों में मेट्रो, 1 करोड़ रोज़गार

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने आज अपना ‘संकल्प पत्र’ जारी कर दिया, जो पहले से जारी महागठबंधन के ‘तेजस्वी प्रण पत्र’ के समानांतर खड़ा हो गया है। दोनों गठबंधनों ने लोकलुभावन वादों की झड़ी लगाकर मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने की होड़ शुरू कर दी है। चुनावी मैदान में, जहां एनडीए ने उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज़ोर दिया है, वहीं महागठबंधन ने रोज़गार, शिक्षा और सामाजिक न्याय को अपनी प्राथमिकता बनाया है।

रोज़गार: वादों में सबसे बड़ी टक्कर
इस चुनाव में भी रोज़गार सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है, और दोनों गठबंधनों ने इस पर ज़बरदस्त दांव लगाया है।

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महागठबंधन: पहले ही घोषणा कर चुका है कि हर ऐसे परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी, जिसके घर में कोई नौकरी नहीं है। उन्होंने कुल सवा करोड़ रोज़गार देने का वादा किया है।

एनडीए: इस वादे के जवाब में, एनडीए ने अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ नए रोज़गार सृजित करने का संकल्प लिया है।

महिला सशक्तिकरण के दावे
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के मामले में भी दोनों गठबंधन आमने-सामने हैं:

महागठबंधन: ने पहले ही जीविका दीदियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा और ₹30,000 प्रतिमाह मानदेय देने का वादा किया है। इसके अलावा, ‘माई बहिन योजना’ के तहत महिलाओं को ₹2,500 प्रतिमाह देने का वादा किया गया है।

एनडीए: ने 1 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा है और उन्हें करोड़पति उद्यमी बनाने के लिए ‘मिशन करोड़पति’ चलाने का संकल्प लिया है।

किसान और एमएसपी की गारंटी
किसानों को लुभाने के लिए भी दोनों पक्षों ने बड़े ऐलान किए हैं:

एनडीए: केंद्र की किसान सम्मान निधि (₹6,000) को बढ़ाकर ₹9,000 प्रति वर्ष करने और सभी फसलों पर एमएसपी की गारंटी देने की बात कही है।

महागठबंधन: एमएसपी पर फसलों की कानूनी खरीद की गारंटी देने का ऐलान कर चुका है।

इंफ्रास्ट्रक्चर बनाम सामाजिक क्षेत्र
दोनों गठबंधनों के घोषणापत्र की प्राथमिकताएं यहां अलग-अलग दिखती हैं:

एनडीए का ज़ोर: बिहार को ग्लोबल स्किलिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने पर है। इसमें 7 एक्सप्रेसवे, 4 नए मेट्रो शहर और पटना, दरभंगा, भागलपुर एवं पूर्णिया में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों को विकसित करना शामिल है। साथ ही, हर जिले में औद्योगिक पार्क और फैक्ट्रियों के निर्माण का वादा किया गया है।

महागठबंधन का ज़ोर: रोज़गार, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा पर अधिक है। उन्होंने 5 नए एक्सप्रेसवे का वादा किया है, लेकिन उनका मुख्य ध्यान पलायन रोकने और सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने पर केंद्रित है।

बिहार चुनाव के पहले चरण के मतदान से पहले जारी हुए ये घोषणापत्र स्पष्ट करते हैं कि मुकाबला अब सिर्फ नेतृत्व या दल का नहीं, बल्कि वादों और योजनाओं का भी हो गया है। मतदाताओं को यह तय करना है कि वे ‘विकसित बिहार’ के इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के वादों को प्राथमिकता देते हैं, या ‘युवा सरकार’ के तत्काल रोज़गार और सामाजिक सुरक्षा के वादों को।

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