पटना के परसा बाजार में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की घटना ने पूरे समाज को हिलाकर रख दिया है। परसा बाजार इलाके में एक 3 साल की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म और बर्बर मारपीट की घटना सामने आई है। सबसे दुखद और चौंकाने वाला पहलू यह है कि इस घिनौने अपराध में बच्ची का अपना सगा चाचा भी शामिल है।

आरोपी बच्ची को बहला-फुसलाकर घर से करीब 300 मीटर दूर एक तालाब के किनारे ले गए। वहां उन्होंने न केवल बच्ची का यौन शोषण किया, बल्कि उसे अमानवीय यातनाएं भी दीं। बच्ची के प्राइवेट पार्ट को दांतों से काटकर जख्मी किया गया। उसके चेहरे, पीठ और संवेदनशील अंगों पर गहरे घाव हैं। शरीर पर मारपीट के कई नीले निशान हैं, जो विरोध करने पर की गई पिटाई को दर्शाते हैं। अत्यधिक खून बहने के कारण बच्ची की हालत बेहद नाजुक है और वह पटना एम्स के आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत से जूझ रही है।

पुलिसिया कार्रवाई और स्थिति;
पुलिस ने बच्ची के चाचा (22) और उसके साथी जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। एक अन्य संदिग्ध दिव्यांग युवक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस ने पॉक्सो (POCSO) एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। सबूत जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) टीम ने घटनास्थल से खून से सने कपड़े और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं। साथ ही, सभी आरोपियों का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ‘स्मैक’ (नशे) के आदी हैं।
कानूनी दृष्टिकोण;
पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता प्रभात भारद्वाज के अनुसार, यह अत्यंत नृशंस अपराध है। चूंकि चाचा बच्ची का कानूनी अभिभावक था, इसलिए इस मामले में दोषियों के लिए सख्त से सख्त सजा का प्रावधान है, जिसमें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।