बिहार के मोकामा में दुलारचंद यादव हत्या मामले में गिरफ्तार बाहुबली नेता और जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रविवार को उन्हें पटना सिविल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्हें अब जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तारी के बाद से ही इस मामले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
दुलारचंद यादव मर्डर केस में पूर्व विधायक और जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। रविवार (02 नवंबर) को अनंत सिंह समेत दो अन्य आरोपियों को पटना सिविल कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से अदालत ने तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इससे पहले शनिवार रात पटना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बाहुबली नेता को बाढ़ स्थित कारगिल मार्केट इलाके से गिरफ्तार किया था। उस दौरान पटना एसएसपी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल मौजूद था। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने उनके घर और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया था। उधर, इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच अब बिहार पुलिस की अपराध जांच विभाग ने अपने हाथों में ले ली है। सीआईडी के डीआईजी जयंत कांत खुद इस केस की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने शनिवार को मोकामा के बसावन चक गांव का दौरा किया, जहां दुलारचंद यादव की हत्या हुई थी। सीआईडी और एफएसएल की संयुक्त टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए और घटनास्थल की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस और चश्मदीदों से भी पूछताछ की है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसी जल्द ही इस मामले में कुछ और अहम सुरागों तक पहुंच सकती है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि दुलारचंद यादव की मौत गोली लगने से नहीं, बल्कि किसी भारी वाहन से कुचले जाने की वजह से हुई थी। उनके शरीर पर गहरी चोटें और टूटी पसलियां इस बात की पुष्टि करती हैं कि वारदात बेहद क्रूर थी। अब सीआईडी इस एंगल से भी जांच कर रही है कि घटना के वक्त वहां कौन-कौन मौजूद था और किसने वाहन चलाया। इसके साथ ही बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि राज्य में किसी भी तरह की आपराधिक या उपद्रवी गतिविधियों पर बर्दाश्त की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने बताया कि मोकामा में दुलारचंद यादव हत्याकांड समेत संबंधित मामलों में अब तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने साफ किया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी।