दूसरे चरण की सियासी जंग में किसकी प्रतिष्ठा दांव पर, कौन पार्टी मैदान में सबसे आगे?……

Ritu Raj

बिहार विधानसभा चुनाव अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। पहले चरण के तहत 121 सीटों पर मतदान पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे और अंतिम चरण में 11 नवंबर को 122 सीटों पर वोटिंग होनी है। इस चरण में सबसे ज्यादा प्रतिष्ठा राजद के लिए दांव पर है, क्योंकि इस बार उसके सर्वाधिक उम्मीदवार मैदान में हैं। महागठबंधन के सबसे बड़े घटक दल के रूप में राजद ने कुल 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। पहले चरण में जहां 73 सीटों पर मतदान हो चुका है, वहीं अब दूसरे चरण में शेष 70 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद होगी।

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में एनडीए और महागठबंधन दोनों गठबंधनों के बड़े नेताओं की साख दांव पर लगी है। इस चरण में कुल 122 सीटों पर मतदान होगा, जिसमें बीजेपी के 53 उम्मीदवार मैदान में हैं। पहले चरण में पार्टी के 48 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो चुकी है। वहीं, जेडीयू के भी 44 उम्मीदवार दूसरे चरण में अपनी किस्मत आजमाने जा रहे हैं। एनडीए के सहयोगी लोजपा के 29 में से 15 प्रत्याशी इस चरण में चुनावी मैदान में हैं, जबकि राष्ट्रीय लोक मोर्चा के चार उम्मीदवारों का भविष्य भी इसी चरण में तय होगा। वहीं, दूसरी ओर, महागठबंधन की ओर से कांग्रेस के 37 उम्मीदवार दूसरे चरण में मैदान में हैं। पहले चरण में कांग्रेस के 24 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला हो चुका है। वहीं, VIP के भी 10 उम्मीदवार इस बार के चुनाव में अपनी किस्मत आजमाएंगे। हालांकि, कुल मिलाकर दूसरे चरण में राज्य की 122 सीटों पर लगभग सभी प्रमुख दलों की साख दांव पर है। जहां एक ओर राजद को सबसे बड़ी चुनौती अपने प्रदर्शन को दोहराने की है, वहीं एनडीए के लिए यह चरण सत्ता वापसी की राह को मजबूत करने का अवसर साबित हो सकता है।

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11 नवंबर को 122 सीटों पर मतदान होना है, जिसके लिए 1302 उम्मीदवार मैदान में हैं। नौ नवंबर की शाम चुनाव प्रचार थम जाएगा, उससे पहले सभी दल पूरी ताकत झोंक रहे हैं। पहले चरण में हुई बंपर वोटिंग के बाद चुनाव आयोग को उम्मीद है कि दूसरे चरण में भी मतदाता बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक पहुंचेंगे। सभी की निगाहें अब 14 नवंबर पर टिकी हैं, जब नतीजों के साथ यह तय होगा कि बिहार की सत्ता पर किसका कब्जा होगा।

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