पटना के गर्दनीबाग इलाके में अवैध शराब के धंधे पर कार्रवाई करने गई पुलिस टीम सोमवार देर रात हमले का शिकार हो गई। यारपुर डोमखाना में बड़े पैमाने पर शराब की खरीद-बिक्री की सूचना पर उत्पाद विभाग और गर्दनीबाग थाना की संयुक्त टीम छापेमारी के लिए पहुंची थी, तभी धंधेबाजों और उनके समर्थकों ने पुलिस पर पथराव और धक्का-मुक्की शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को हालात काबू में करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने यारपुर डोमखाना से दो शराब धंधेबाजों को गिरफ्तार किया और देसी शराब की कई बोतलें जब्त कीं। टीम जैसे ही लौटने लगी, अचानक भीड़ जमा हो गई और गिरफ्तार आरोपियों को छुड़ाने की कोशिश की गई। कहासुनी बढ़ते-बढ़ते धक्का-मुक्की में बदली और देखते ही देखते भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। हमले में 3–4 पुलिसकर्मी हल्के तौर पर घायल हो गए और उपद्रवियों ने पुलिस वाहन में भी तोड़फोड़ की। वहीं, हमले के बाद पुलिस कुछ दूरी पर हटकर स्थिति नियंत्रित करने में लगी और तुरंत दो से तीन थानों की अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई। दूसरी बार की गई दबिश के दौरान कई उपद्रवी भाग निकले, जबकि दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, “उत्पाद विभाग की टीम पर हमला हुआ था। दो शराब तस्कर पकड़े गए हैं। पथराव करने वालों की पहचान की जा रही है और किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि यारपुर डोमखाना में लंबे समय से अवैध शराब का संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जो हर बार कार्रवाई के बाद फिर से पांव पसार लेता है। तस्करों के इसी बेखौफ रवैये ने इलाके की कानून-व्यवस्था को लगातार चुनौती दी है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त अभियान जारी रहेगा और दोषियों पर जल्द कड़ी कार्रवाई की जाएगी।