भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और MLC दिलीप जायसवाल बने बिहार सरकार में मंत्री

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में नवगठित नीतीश कुमार सरकार के मंत्रिमंडल में जिन 26 मंत्रियों ने शपथ ली है, उनमें विधान परिषद सदस्य (MLC) डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल का नाम महत्वपूर्ण है। यह लगातार दूसरी बार है जब वह एमएलसी कोटे से मंत्री बने हैं, जो राज्य की राजनीति में उनके बढ़ते कद और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उनके तालमेल को दर्शाता है। वर्तमान में वे बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं, और उन्हें केंद्रीय नेतृत्व के बेहद करीबी नेताओं में गिना जाता है।

उच्च शिक्षा और करियर की पृष्ठभूमि
डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल शिक्षा के क्षेत्र में एक असाधारण पृष्ठभूमि रखते हैं। उन्होंने एम.एससी., एमबीए, एम.फिल. की डिग्रियाँ प्राप्त की हैं और सबसे महत्वपूर्ण, उन्होंने वर्ष 1998 में बीएनएम विश्वविद्यालय, मधेपुरा से पीएच.डी. की उपाधि हासिल की है। लगभग 63 वर्षीय जायसवाल, जिनका जन्म 3 दिसंबर 1963 को खगड़िया जिले के गोगरी में हुआ था, मुख्य रूप से एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर अपना करियर शुरू करने के बावजूद पार्टी से लगातार जुड़े रहे।

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राजनीतिक और संगठनात्मक सफर
दिलीप जायसवाल एक गैर-आपराधिक पृष्ठभूमि के नेता हैं जो अत्यंत पिछड़ा वर्ग (OBC) की कलवार जाति से आते हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा 2009 में शुरू हुई जब वे पहली बार पूर्णिया, अररिया और किशनगंज के स्थानीय प्राधिकरण से विधान परिषद के लिए चुने गए।

विधान परिषद सदस्य (MLC): 2009 से लेकर अब तक, वह लगातार तीन बार बिहार विधान परिषद के सदस्य चुने जा चुके हैं, और तीसरी बार वह 2022 में निर्वाचित हुए थे।

संगठनात्मक भूमिका: राजनीति में आने से बहुत पहले, वे लगभग 22 वर्षों से अधिक समय तक बिहार भाजपा के प्रदेश कोषाध्यक्ष के पद पर आसीन रहे, जो संगठन में उनके वित्तीय प्रबंधन और विश्वास को दर्शाता है। वर्तमान में वह बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं और सिक्किम राज्य के प्रभारी भी हैं।

मंत्री पद: बिहार विधान परिषद के सदस्य चुने जाने के तुरंत बाद, उन्हें नीतीश कुमार सरकार में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री बनाया गया था। हालांकि, बाद में उन्होंने इस पद से त्यागपत्र दे दिया जब उन्हें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

लोकसभा चुनाव: जायसवाल ने केंद्र की राजनीति में भी कदम रखने का प्रयास किया था। 2014 के लोकसभा चुनाव में, वह किशनगंज सीट से भाजपा के उम्मीदवार थे, हालांकि उन्हें कांग्रेस के मोहम्मद असरारुल हक से हार का सामना करना पड़ा था।

शिक्षा और सामाजिक सक्रियता
दिलीप जायसवाल का किशनगंज से गहरा नाता है। वह माता गुजरी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, जो माता गुजरी विश्वविद्यालय से संबद्ध है, के प्रबंध निदेशक भी हैं। इसके अलावा, वे वनवासी कल्याण, किशनगंज के अध्यक्ष के रूप में भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

उन्हें कई नागरिक और मानवीय सम्मान भी प्राप्त हुए हैं। वह वर्ष 2005 से 2008 तक बिहार राज्य भंडारण निगम के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्हें बिहार के राज्यपाल द्वारा एक अच्छे समाजसेवी के रूप में सम्मानित किया गया है, और रेलवे बोर्ड द्वारा एक रेल दुर्घटना में 39 लोगों के जीवन बचाने के लिए विशेष पुरस्कार से भी नवाज़ा गया है।

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