पहलीबार चुनाव नतीजे पर खुलकर बोले तेजस्वी यादव, ये हार-जीत गले नहीं उतर रही….

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सिटी पोस्ट लाइव :बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने देश के दिग्गज वकील कपिल सिब्बल के साथ इंटरव्यू में बताया कि इस चुनाव में एनडीए की जीत कैसे हुई और कैसे आरजेडी हार गई.तेजस्वी यादव से पूछा गया था कि 2020 में आरजेडी की 75 सीटें आईं थी लेकिन इस बार महज 25 सीटें क्यों आईं?

तेजस्वी यादव ने कपिल सिब्बल के साथ इंटरव्यू में बिहार विधानसभा चुनाव नतीजों में एनडीए की जीत पर सवाल उठाए हैं. तेजस्वी यादव ने न केवल हार स्वीकार की बल्कि नतीजों पर तीखे सवाल भी उठाए. उनका कहना है कि इस चुनाव में एनडीए ने जीत जरूर दर्ज की, लेकिन लोकतंत्र और जनमत की जीत नहीं हुई. मशहूर वकील कपिल सिब्बल के साथ एक इंटरव्यू के में तेजस्वी ने खुलकर आरोप लगाए कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही और मशीनरी का दुरुपयोग हुआ. बिहार विधानसभा चुनाव में आए नतीजों समेत कई मुद्दों पर तेजस्वी यादव ने खुलकर अपनी बात रखी. आरजेडी की हार के कारणों पर चर्चा करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रदेश में एनडीए की जीत हुई है, लेकिन लोकतंत्र हार गया.

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तेजस्वी यादव ने कहा कि बेरोजगारी पूरे चुनाव का असल मुद्दा था. उन्होंने कहा, बिहार में उद्योग-धंधे नहीं हैं. यहां सबसे ज्यादा बेरोजगारी, पलायन और पेपर लीक होते हैं. शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है। लोग पढ़ाई, कमाई और इलाज के लिए बाहर जाते हैं. तेजस्वी के अनुसार युवाओं और आम लोगों के मन में सरकार के प्रति नाराज़गी थी और वे एनडीए को फिर से सत्ता में नहीं देखना चाहते थे.तेजस्वी ने बार-बार जोर देकर कहा कि पूरे चुनाव में बेरोजगारी सबसे बड़ा और जिंदा मुद्दा था.

तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि 20 साल शासन के बाद भी बिहार में विकास नहीं हुआ. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार थी लेकिन एक भी चीनी मिल चालू नहीं कर पाए. बेरोजगारी पर सरकार की ओर से कभी गंभीर चर्चा नहीं हुई. तेजस्वी ने कहा कि 20 साल के बाद भी दिखने वाला विकास नजर नहीं आया और सरकार रोजगार नहीं दे सकी.तेजस्वी यादव सीटों में भारी गिरावट को पचाने लायक नहीं मानते और दावा करते हैं कि कई जगहों पर अंतर बहुत कम रहा, कुछ सीटें हजारों या सौ-गुना कम वोटों से खोईं. उन्होंने इसको लेकर उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और मतगणना पर शंका जाहिर की.चुनाव नतीजों पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि इस चुनाव में आरजेडी का वोट प्रतिशत बढ़ा है और कई सीटों पर बेहद कम वोटों से हार हुई. उन्होंने दावा किया, बीजेपी और जेडीयू के कई विजयी उम्मीदवार भी भरोसा नहीं कर पा रहे कि वे कैसे जीत गए.

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले विभिन्न योजनाओं के नाम पर सीधे लोगों को पैसे बांटे गए. उन्होंने कहा, हम इसे चुनावी रिश्वत से कम नहीं मानते. करीब 40 हजार करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में पूरे राज्य में बांटे गए. तेजस्वी यादव के अनुसार कई योजनाओं के जरिए सीधे-सीधे राज्य में करोड़ों रुपये बांटे गए, जिसे वे ‘चुनावी रिश्वत’ मानते हैं. तेजस्वी का मानना है कि इससे आम वोटर्स के फैसले पर असर पड़ा.

तेजस्वी ने ईवीएम और चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, बदलाव जनता चाहती थी, ईवीएम नहीं चाहती थी. चुनाव आयोग ने हमारी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की और चुनाव आयोग बेईमानी के मूड में दिखा. उन्होंने यहां तक कहा कि मौजूदा हालात में चुनाव प्रक्रिया का कोई मतलब नहीं रह गया है, क्योंकि सबकुछ पहले से तय जैसा दिखता है. तेजस्वी ने कहा कि शिकायतों का निवारण न होने से लोकतंत्र पर असर पड़ा और चुनाव का मतलब कम हो गया.तेजस्वी यादव का कहना है कि लोगों को यह परिणाम समझ नहीं आ रहा है और न ही वे इसे स्वीकार कर पा रहे हैं.तेजस्वी ने कहा, जनता बदलाव चाहती थी. हमारा विजन और घोषणा पत्र जनता के करीब था लेकिन सत्ता पक्ष ने हमारी योजनाओं को ही लागू कर वोट हथियाने की कोशिश की.तेजस्वी यादव ने साफ कहा कि वे और उनके समर्थक इस हार को सहजता से नहीं मान पा रहे. उन्होंने जनता की नब्ज देखी और कहा कि लोग बदलाव चाहते थे, पर चुनाव के तरीकों ने उस बदलाव को रोक दिया. तेजस्वी ने संकेत दिया कि वे भविष्य में इन आरोपों और चिंताओं को लेकर सक्रिय रहेंगे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाते रहेंगे.

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