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देश के जाने-माने उद्योगपति अनिल अंबानी के बेटे जय अनमोल अंबानी की मुश्किलें अब कानूनी तौर पर बढ़ गई हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जय अनमोल अंबानी और उनकी कंपनी के खिलाफ 228 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI) की शिकायत के बाद की गई है, जिसमें बैंक को वित्तीय अनियमितताओं के कारण भारी नुकसान हुआ है।
रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) पर केस
सीबीआई ने जय अनमोल अंबानी के साथ रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। आरोप है कि RHFL और उसके निदेशकों ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ धोखाधड़ी की, जिससे बैंक को ₹228 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा। इस मामले में RHFL के दो निदेशकों—जय अनमोल अंबानी और रवींद्र शरद सुधाकर—का नाम शामिल है।
क्या है पूरा मामला?
सीबीआई में दर्ज शिकायत के अनुसार, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मुंबई स्थित एससीएफ ब्रांच से ₹450 करोड़ रुपये का लोन लिया था। बैंक ने यह लोन कुछ शर्तों के आधार पर दिया था, जिसमें समय पर लोन की किश्तों का भुगतान, पर्याप्त सिक्योरिटी जमा करना और ज़रूरी दस्तावेज़ समय पर उपलब्ध कराना शामिल था।
बैंक का आरोप है कि कंपनी इन शर्तों को पूरा नहीं कर सकी और समय पर लोन की किश्तें नहीं चुकाई गईं। नतीजतन, 20 सितंबर 2019 को बैंक ने इस लोन को एनपीए (Non-Performing Asset) घोषित कर दिया।
फंड का गलत इस्तेमाल और धोखाधड़ी
जांच में यह बात सामने आई है कि बैंक से लिए गए पैसों का कथित तौर पर गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया। बैंक का कहना है, “कंपनी के निदेशकों ने बैंक के साथ धोखाधड़ी करते हुए लोन की राशि का इस्तेमाल उन उद्देश्यों के लिए नहीं किया जिनके लिए वह लिया गया था। लोन की रकम को उन चीजों में लगाने की बजाए, निदेशकों ने इसका अन्य चीजों में निवेश किया।”
बैंक ने इसे एक गंभीर आपराधिक कृत्य बताया है। केंद्रीय जांच एजेंसी अब इस मामले की गहन जांच कर रही है, जिसमें जय अनमोल अंबानी और कंपनी के अन्य निदेशकों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। सीबीआई जल्द ही इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकती है, जिससे अंबानी परिवार से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले में कानूनी शिकंजा कसता दिख रहा है।