पटना में तड़के हुई मुठभेड़, पुलिस ने रंगदारी के आरोपी को गोली मारकर दबोचा

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
राजधानी पटना के जानीपुर थाना क्षेत्र के मुरादपुर इलाके में गुरुवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पुलिस और एक वांछित अपराधी के बीच सीधी मुठभेड़ हो गई। यह घटना तड़के हुई जब पुलिस ने रंगदारी मांगने के एक गंभीर मामले में वांछित आरोपी राकेश कुमार को घेरने की कोशिश की। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में राकेश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी का इस समय पटना एम्स में इलाज चल रहा है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

कैसे हुई पूरी घटना?
जानीपुर थाना पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि बैंककर्मी से रंगदारी मांगने का मुख्य आरोपी राकेश कुमार मुरादपुर इलाके में छिपा हुआ है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई और तुरंत मौके पर रवाना हुई। पुलिस टीम को अचानक अपने सामने देखकर अपराधी राकेश कुमार घबरा गया और उसने तुरंत घटनास्थल से भागने की कोशिश की।

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पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन राकेश कुमार ने पुलिस को चकमा देने के लिए उन पर फायरिंग शुरू कर दी। अपराधी की ओर से अचानक हुई गोलीबारी के बाद पुलिस टीम सतर्क हो गई और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में राकेश कुमार के दाहिने पैर में गोली लगी और वह वहीं गिर पड़ा। गोली लगते ही पुलिस ने उसे तुरंत अपने कब्जे में ले लिया।

आरोपी का इलाज एम्स में जारी
गिरफ्तारी के बाद घायल राकेश कुमार को तत्काल पुलिस की निगरानी में एंबुलेंस की सहायता से पटना एम्स अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी स्थिति खतरे से बाहर और स्थिर है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि राकेश कुमार लंबे समय से फरार था और वह एक बैंककर्मी से रंगदारी मांगने जैसे जघन्य अपराध में वांछित था। पुलिस पिछले कई दिनों से उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।

पूर्व में भी कई आरोपों से घिरा है अपराधी
पुलिस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अपराधी राकेश कुमार दीघा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उस पर बैंककर्मी से रंगदारी की मांग करने का गंभीर आरोप है। यह भी बताया जा रहा है कि राकेश कुमार पटना के कई इलाकों में लंबे समय से सक्रिय था और उसकी आपराधिक गतिविधियों के कारण स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल था। पुलिस को आशंका है कि रंगदारी के अलावा भी वह अन्य कई आपराधिक मामलों में शामिल हो सकता है। जांच में यह खुलासा हुआ है कि वह अक्सर अपने ठिकाने बदलता रहता था, जिस कारण उसे पकड़ने में पुलिस को काफी समय लगा।

सहयोगियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी
मुठभेड़ के बाद अब पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि रंगदारी मांगने के इस अपराध में राकेश कुमार अकेला शामिल नहीं था। पुलिस को शक है कि उसके साथ और भी कई अपराधी जुड़े हुए हैं, जो इस रंगदारी रैकेट का हिस्सा हो सकते हैं। इन फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इसके अलावा, पुलिस ने मुरादपुर और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगालने शुरू कर दिए हैं, ताकि फरार अपराधियों की पहचान की जा सके और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।

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