बिहार के गैस उपभोक्ताओं को बड़ा झटका! सरकार के नए ‘डिजिटल वार’ से कहीं आपकी सब्सिडी भी तो नहीं छिन जाएगी?

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार समेत देशभर के एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने गैस सब्सिडी के वितरण में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए ‘डिजिटल स्ट्राइक’ शुरू कर दी है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन उपभोक्ताओं ने अब तक अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनकी सब्सिडी पर जनवरी से ताला लग सकता है।

विशेष रूप से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है। सब्सिडी का लाभ अब सीधे तौर पर आपके आधार प्रमाणीकरण से जुड़ा होगा।

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फर्जीवाड़े और दलालों पर कसेगा डिजिटल शिकंजा
सालों से एलपीजी सब्सिडी के नाम पर चल रहे फर्जी कनेक्शन और बिचौलियों के खेल को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने अब डिजिटल चाबुक चलाया है। बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण के जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी खजाने का पैसा सीधे असली लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचे। इस नई व्यवस्था से उन लोगों के नाम कट जाएंगे जिन्होंने गलत तरीके से या एक से अधिक कनेक्शन ले रखे हैं।

अब घर बैठे होगी ई-केवाईसी: नहीं काटने होंगे दफ्तरों के चक्कर
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए सरकार ने इस प्रक्रिया को बेहद आसान और निःशुल्क कर दिया है। अब आपको गैस एजेंसी या किसी आधार केंद्र की लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं है।

ऑनलाइन पोर्टल: आप आधिकारिक वेबसाइट https://www.pmuy.gov.in/e-kyc.html पर जाकर स्वयं ई-केवाईसी कर सकते हैं।

स्मार्टफोन एप: उपभोक्ता अपनी तेल कंपनी (HP, Indane या Bharat Gas) का मोबाइल एप और यूआईडीएआई (UIDAI) का ‘आधार फेस रीड’ (Aadhaar FaceRD) एप डाउनलोड कर अपने चेहरे को स्कैन करके बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा कर सकते हैं।

QR कोड की सुविधा: वेबसाइट पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके भी सीधे प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए हर साल अनिवार्य है प्रक्रिया
सरकार के नए नियमों के मुताबिक, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को हर वित्तीय वर्ष में अपनी ई-केवाईसी करानी होगी। यह प्रक्रिया 8वीं और 9वीं रिफिल पर मिलने वाली 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी को जारी रखने के लिए अनिवार्य है। यदि केवाईसी अपडेट नहीं होता है, तो सब्सिडी की राशि रुक जाएगी।

ग्रामीण और बुजुर्ग उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
इस डिजिटल पहल का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और बुजुर्गों को होगा। उन्हें अब एजेंसी जाने के खर्च और दलालों के चंगुल से मुक्ति मिलेगी। ‘आधार’ अब सब्सिडी की सुरक्षा के लिए एक ‘चौकीदार’ की तरह काम करेगा, जिससे केवल पात्र लोगों को ही सरकारी लाभ मिलना सुनिश्चित होगा।

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