अफगान मंत्री के फैसले पर बवाल: महिला पत्रकारों की एंट्री पर रोक, राहुल-प्रियंका समेत कई विपक्ष नेताओं ने PM पर निशाना साधा…

Ritu Raj

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगाने पर भारत में सियासी संग्राम छिड़ गया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्ष नेताओं ने सवाल उठाए है।

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों की एंट्री पर रोक लगाने पर भारत में राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पीएम मोदी से एक्स पर सवाल करते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री जी, कृपया तालिबान के प्रतिनिधि की भारत यात्रा के दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस से महिला पत्रकारों को हटाए जाने पर अपनी स्थिति स्पष्ट करें। आगे कहा कि यदि महिलाओं के अधिकारों के प्रति आपकी मान्यता एक चुनाव से दूसरे चुनाव तक अपनी सुविधानुसार दिखावा मात्र नहीं है, तो फिर भारत की कुछ सबसे सक्षम महिलाओं का अपमान हमारे देश में कैसे होने दिया गया, जबकि महिलाएं ही इसकी रीढ़ और गौरव हैं। इसके साथ ही राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से सवाल किया कि PM मोदी, जब आप महिला पत्रकारों को सार्वजनिक मंचों से बाहर रखने की इजाजत देते हैं, तो आप भारत की हर महिला को यह बता रहे होते हैं कि आप (PM) बहुत कमजोर हैं और उनके लिए खड़े नहीं हो सकते। इस तरह के भेदभाव पर आपकी चुप्पी नारी शक्ति पर आपके नारों की खोखलीपन को उजागर करती है। इसके अलावा पूर्व गृह मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा- मुझे इस बात पर हैरानी है कि अफगानिस्तान के अमीर खान मुत्तकी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को शामिल नहीं किया गया। मुझे लगता है कि जब पुरुष पत्रकारों को पता चला कि उनकी महिला सहकर्मियों को नहीं बुलाया गया है, तो उन्हें बाहर चले जाना चाहिए था। वहीं, महुआ मोइत्रा, तृणमूल कांग्रेस सांसद ने कहा- एक भारतीय मुस्लिम अपनी छत पर नमाज नहीं पढ़ सकता, पैगंबर से प्यार का इजहार नहीं कर सकता है, लेकिन एक विदेशी मुस्लिम कट्टरपंथी अपनी ‘आस्था’ के नाम पर हमारी जमीन पर हमारी औरतों के साथ हमारे कानूनों और मूल्यों का उल्लंघन करते हुए भेदभाव कर सकता है। इसके बारे में जरा सोचिए।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने विवाद बढ़ने के बाद स्पष्ट किया है कि अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत सरकार या विदेश मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं थी। पत्रकारों को बुलाने का काम भी भारत सरकार ने नहीं किया। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस पूरी तरह से अफगानी एंबेसी में आयोजित की गई थी। मंत्रालय ने बताया कि जब अफगानिस्तान के विदेश मंत्री दिल्ली पहुंचे, तब मुंबई में स्थित अफगानिस्तान के काउंसिल जनरल ने 10 अक्टूबर को चुनिंदा पत्रकारों को आमंत्रित किया था। उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान का दूतावास भारत सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।

Share This Article