गौतम अडानी का 5 साल में 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्लान, एयरपोर्ट सेक्टर पर रहेगा फोकस

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
उद्योगपति गौतम अडानी ने अगले पांच वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने की योजना बनाई है। यह निवेश अडानी समूह एयरपोर्ट प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में किया जाएगा। कंपनी ने घोषणा की है कि यह राशि 11 नए एयरपोर्ट टर्मिनल की बोली, मौजूदा एयरपोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में खर्च की जाएगी।

अडानी समूह के पास पहले से ही भारत के सात बड़े एयरपोर्ट का संचालन है, जिनमें मुंबई, लखनऊ, अहमदाबाद और जयपुर जैसे प्रमुख हवाई अड्डे शामिल हैं। अब समूह की योजना है कि वह देश के 11 और एयरपोर्ट का संचालन हासिल करे। इन एयरपोर्ट्स में वाराणसी, भुवनेश्वर और अमृतसर जैसे प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट भी शामिल हैं। समूह की रणनीति इन एयरपोर्ट्स के निजीकरण की बोली लगाकर इनका संचालन अपने हाथ में लेने की है।

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अडानी समूह ने एयरपोर्ट बिजनेस के लिए पहले से ही नवी मुंबई एयरपोर्ट को रोल मॉडल के तौर पर पेश किया है, जहां कंपनी ने 20,000 करोड़ रुपये का निवेश किया। दूसरे फेज में, 30,000 करोड़ रुपये का निवेश कर मोनोरेल और 20 होटलों वाली एयरोसिटी का निर्माण किया जाएगा। यह एयरपोर्ट सालाना 2 करोड़ यात्रियों को सेवा देने की क्षमता रखता है।

अडानी समूह के निदेशक जीत अडानी ने यह भी बताया कि एयरपोर्ट यूनिट को अडानी इंटरप्राइजेज के साथ चलाया जा रहा है, जो आने वाले समय में आईपीओ लाएगा और इसे अलग कर दिया जाएगा। मार्च 2028 तक इस एयरपोर्ट बिजनेस का आईपीओ बाजार में उतारने की योजना है। इसके पहले कंपनी का डिमर्जर किया जाएगा ताकि निवेशकों को बेहतर वैल्यू मिल सके।

यह निवेश अडानी समूह के लिए महत्वपूर्ण कदम होगा, क्योंकि यह कंपनी के पुनर्निर्माण और विकास की दिशा में अहम साबित हो सकता है, खासकर हिंडनबर्ग घटना के बाद कंपनी के कारोबार में विश्वास को फिर से मजबूत करने की कोशिशें की जा रही हैं।

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