बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व व भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने आज भागलपुर के टाउन हॉल में भूमि से जुड़े मुद्दों पर जनता से सीधे संवाद किया। भूमि सुधार जनकल्याण कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ इस बात का सबूत रही कि ज़मीन के मामले आज भी आम आदमी की सबसे बड़ी चिंता हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और दीप प्रज्वलन से हुई। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने डिप्टी CM को पौधा और चादर भेंट कर सम्मानित किया। मंच और सभागार में एक ही चर्चा थी कि “ज़मीन पर इंसाफ़ कब मिलेगा?”। जनता ने दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ऑनलाइन सेवाओं में दिक्कत और वर्षों से लटके विवादों को खुलकर रखा। डिप्टी CM ने बड़ा ऐलान किया कि अब जनता को थाने नहीं जाना पड़ेगा, दरबार सीधे अंचल कार्यालयों में लगेंगे। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा करने वालों और ज़मीन माफियाओं के लिए अब कोई रहम नहीं होगा। गड़बड़ी करने पर सीधे FIR दर्ज होगी और जेल जाना तय है।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सेवाओं में आने वाली खामियों को दूर करने की जिम्मेदारी CSC केंद्र और अंचल अधिकारियों की होगी। बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को सम्मान मिलेगा और सरकारी ज़मीन पर कब्ज़े की सूचना देने वालों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। अपने पारंपरिक सियासी अंदाज़ में विपक्ष पर निशाना साधते हुए डिप्टी CM ने कहा, “छोड़ो कल की बातें, अब नए दौर में मिलकर नई कहानी लिखेंगे।” कुल मिलाकर, भागलपुर का यह जनसंवाद सिर्फ़ सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता को भरोसा देने और ज़मीन माफियाओं को चेतावनी देने वाला संदेश साबित हुआ। साफ़ है कि बिहार में अब ज़मीन का खेल नहीं, कानून का राज चलेगा।