भारतीय क्रिकेट में आज एक ऐसा नाम गूंज रहा है जिसने अभावों को अपनी ताकत बना लिया— रिंकू सिंह। अलीगढ़ की तंग गलियों से निकलकर टीम इंडिया के ‘फिनिशर’ बनने तक का उनका सफर किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। वहीं,कभी स्टाफ क्वार्टर में रहने वाले रिंकू ने अलीगढ़ के ओजोन सिटी में 3.5 करोड़ रुपये का एक लग्जरी विला खरीदा है। उन्होंने अपनी मां के सम्मान में इसका नाम ‘वीना पैलेस’ रखा है।

कभी क्रिकेट किट के लिए तरसे, आज हैं करोड़ों के मालिक;
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में जन्मे रिंकू के पिता घर-घर गैस सिलेंडर पहुंचाने का काम करते थे। आर्थिक तंगी का आलम यह था कि उनके पास खुद की क्रिकेट किट तक नहीं थी। अक्सर दूसरों से सामान उधार मांगकर अभ्यास करने वाले इस खिलाड़ी ने अपनी मेहनत और लगन से अपनी किस्मत खुद लिखी।

मैदान पर ‘तबाही’ का मंजर;
हाल ही में नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पहले टी20 मैच में रिंकू ने एक बार फिर अपनी काबिलियत साबित की। उन्होंने महज 20 गेंदों में नाबाद 44 रन कूट डाले, जिसकी बदौलत भारत ने 238 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया और 44 रनों से शानदार जीत दर्ज की। आगामी टी20 वर्ल्ड कप के लिए वह भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद हथियार बनकर उभरे हैं।
रिंकू सिंह की नेटवर्थ और कमाई का विवरण;
आज रिंकू सिंह न केवल शोहरत, बल्कि दौलत के मामले में भी बुलंदियों पर हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति (Net Worth) लगभग 20 करोड़ रुपये हो चुकी है। उनकी कमाई के प्रमुख स्रोत इस प्रकार हैं:
IPL रिटेंशन (KKR): आईपीएल 2026 से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें 13 करोड़ रुपये में रिटेन किया है।
BCCI कॉन्ट्रैक्ट: वह बीसीसीआई के ‘ग्रेड-सी’ सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा हैं, जिससे उन्हें सालाना 1 करोड़ रुपये मिलते हैं।
मैच फीस: रिंकू को हर वनडे मैच के लिए 6 लाख और टी20 इंटरनेशनल के लिए 3 लाख रुपये मिलते हैं।
ब्रांड एंडोर्समेंट: अपनी बढ़ती लोकप्रियता के कारण वह कई बड़े ब्रांड्स का चेहरा भी बन चुके हैं।

गाड़ियों का शौक;
– फोर्ड एंडेवर (Ford Endeavour)
– टोयोटा इनोवा क्रिस्टा
– महिंद्रा स्कॉर्पियो एन
– मारुति सुजुकी ब्रेजा और स्विफ्ट
– रॉयल एनफील्ड बुलेट (उनकी पसंदीदा बाइक)

गौरतलब है कि आईपीएल 2023 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ लगातार 5 छक्के लगाकर रातों-रात सुर्खियां बटोरने वाले रिंकू सिंह आज भारतीय क्रिकेट के नए ‘सेंसेशन’ हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो गरीबी कभी सपनों के आड़े नहीं आती।