बिहार राज्य योजना पर्षद की सहायक निदेशक शालिनी कुमारी अब मुश्किलों में घिर गई हैं। उन्होंने बिना सरकारी अनुमति के पति के साथ इंडोनेशिया के बाली में एक सप्ताह की छुट्टी बिताई। वापसी पर विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिससे उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है।
योजना एवं विकास विभाग की ओर से जारी नोटिस में शालिनी कुमारी को 7 दिनों के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा गया है। यदि वे ऐसा नहीं करतीं, तो विभाग बिना उनके पक्ष सुने आगे की कार्रवाई कर सकता है। विभाग ने इस घटना को गंभीर अनुशासन उल्लंघन माना है। शालिनी कुमारी 67वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा की बैच से हैं और उन्होंने 2024 में योजना विकास पदाधिकारी के पद पर ज्वाइन किया था। नोटिस के अनुसार, उन्होंने 17 से 24 दिसंबर 2025 तक बाली (इंडोनेशिया) की यात्रा के लिए टिकट 11 अक्टूबर 2025 को ही बुक कर लिया था। इसके बावजूद विभागीय अनुमति के लिए आवेदन बहुत देर से, यानी 12 दिसंबर 2025 को (प्रस्थान से महज दो कार्य दिवस पहले) किया गया। विदेश यात्रा पूरी होने के बाद 26 दिसंबर 2025 को दोपहर वे अपने कार्यालय में शामिल हुईं।

विभाग का कहना है कि यात्रा पूर्व से तय थी, फिर भी अनुमति अंतिम क्षण में मांगी गई और बिना मंजूरी के यात्रा कर ली गई। यह स्वेच्छाचारी व्यवहार और अनुशासनहीनता का स्पष्ट उदाहरण है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सरकारी नियमों के मुताबिक, निजी विदेश यात्रा के लिए पहले से NOC लेना जरूरी है। कर्मचारी को विभाग को सूचित करना पड़ता है कि वे कहाँ जा रहे हैं, कितने दिन रहेंगे और यात्रा का विवरण क्या है। राजपत्रित अधिकारियों के मामले में अनुमति मुख्यमंत्री स्तर तक जाती है, जबकि अन्य कर्मचारियों के लिए विभागाध्यक्ष तक। वहीं, अब शालिनी कुमारी को 7 दिनों में संतोषजनक जवाब देना होगा, अन्यथा निलंबन या इससे कड़ी कार्रवाई हो सकती है।