बिहार की राजधानी पटना में एक नीट तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गरमाया हुआ है। यह घटना चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में हुई, जहां छात्रा को 9 जनवरी 2026 के आसपास बेहोश हालत में पाया गया था। उसे पहले प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां वह कई दिनों तक कोमा में रही और अंततः 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई।

परिजनों ने छात्रा के साथ यौन शोषण (संभावित गैंगरेप) और हत्या का आरोप लगाया है, जबकि शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या या ड्रग ओवरडोज जैसा बताया था। अब इस मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं कि एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) ने 25 से अधिक लोगों के डीएनए सैंपल लिए हैं, जिसमें हाल ही में 6 संदिग्धों के सैंपल मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में लिए गए। वहीं, फॉरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों (अंडरगारमेंट्स) पर वीर्य के निशान (semen traces) मिले हैं, जो यौन हमले की ओर इशारा करते हैं। इससे दो पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर एम्स पटना से सेकंड ओपिनियन लिया जा रहा है, क्योंकि परिजन और कई लोग रिपोर्ट पर सवाल उठा रहे हैं। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव इस मामले में सबसे सक्रिय हैं। उन्होंने संसद के बाहर प्रदर्शन किया, सीबीआई जांच की मांग की और अस्पताल-हॉस्टल-पुलिस पर साजिश का आरोप लगाया। दरअसल, उन्होंने प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल का दौरा भी किया और वहां की एक महिला नर्स से फोन पर बातचीत का ऑडियो/वीडियो वायरल किया है।

नर्स के दावों के अनुसार:
– छात्रा को अस्पताल लाए जाने पर वह पूरी तरह अचेत थी।
– उसके प्राइवेट पार्ट में स्पर्म जैसा झाग और खून के धब्बे थे, जिससे स्टाफ को तुरंत शक हुआ कि उसके साथ गलत हुआ है।
– महिला गायनेकोलॉजिस्ट ने जांच के बाद कहा कि या तो अबॉर्शन कराया गया है या अबॉर्शन की दवा ली गई है।
– नर्स ने उन दावों को खारिज किया कि छात्रा पीरियड्स में थी; सफाई के दौरान ऐसा कुछ नहीं मिला।
– भर्ती के दो दिन बाद छात्रा को होश आया, तब उसने इशारों से मां को बताया कि उसके साथ गलत हुआ है और रोने लगी।
– लेकिन अचानक उसे नींद का इंजेक्शन या कुछ और दिया गया, जिससे वह फिर कोमा में चली गई।
– एक महिला छात्रा की मां से मिलने आई, जिसने इलाज का खर्च उठाने की पेशकश की, लेकिन मां ने कहा कि हमें पैसे नहीं, बेटी चाहिए।
– नर्स ने अपनी जान को खतरा बताते हुए कहा कि सच्चाई बोलने के बाद अस्पताल प्रबंधन उसे धमका रहा है, न आने पर एफआईआर दर्ज कराने की बात कर रहा है।

बता दें कि यह वही नर्स है जिसके बयान पर पटना पुलिस ने पहले यौन शोषण के दावों को खारिज किया था। पप्पू यादव अब हॉस्टल मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की गहन जांच की मांग कर रहे हैं। हालांकि, मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है, जहां सीबीआई जांच, पुलिस की निष्क्रियता और प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता के आरोप लग रहे हैं। जांच जारी है और नए अपडेट्स का इंतजार है।