बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के 13वें दिन आज सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। प्रदर्शन से शुरू हुई कार्यवाही व्यक्तिगत आरोपों और विकास कार्यों की चेतावनी तक जा पहुँची।
सदन के बाहर का माहौल;
कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सदन का पोर्टिको विरोध प्रदर्शन का अखाड़ा बन गया। AIMIM विधायक मदरसा शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग को लेकर अड़े रहे। राजद के विधायकों ने बिहार की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरा और सुरक्षा के सवाल पर नारेबाजी की।
‘विकास कार्य रोकने’ की चेतावनी पर रार;
सदन के अंदर राजद विधायक सर्वजीत ने ग्रामीण विकास मंत्री अशोक चौधरी के उस बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कटौती प्रस्ताव लाने वाले विधायकों के क्षेत्र में काम रोकने की बात कही थी। सर्वजीत ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए मंत्री पर कार्रवाई की मांग की।
सरकार का बचाव;
संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने स्थिति को संभालते हुए कहा कि सरकार पूरे प्रदेश का विकास करने के लिए प्रतिबद्ध है। चर्चा के दौरान अनौपचारिक रूप से ऐसी बातें निकल जाती हैं, जिन्हें गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। वहीं, जनता का भरोसा हमारी सरकार पर कायम है।
गिरिराज सिंह का कड़ा प्रहार;
सदन के बाहर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राजद के आरोपों पर पलटवार करते हुए बेहद सख्त लहजे में बयान दिया। उन्होंने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर राजद को घेरते हुए कहा- “कसाई के श्राप से गाय नहीं मरती। जो लोग अपनी ही बहन रोहिणी आचार्य जैसी बेटियों का सम्मान नहीं कर पाए, वे प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा की बात न करें। दूसरों पर उंगली उठाने से पहले उन्हें अपना आइना देखना चाहिए।”