मुजफ्फरपुर के करजा थाना अंतर्गत चैनपुर पकरी गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ 45 वर्षीय सिकंदर चौधरी ने अपने ही पड़ोसी के 7 साल के बेटे ऋषिकेश की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल करते हुए हत्या की खौफनाक वजह बताई।

वारदात के पीछे की मुख्य वजह;
पुलिस पूछताछ में आरोपी सिकंदर चौधरी (दो बच्चों का पिता) ने स्वीकार किया कि वह बच्चे की मां से एकतरफा प्यार करता था। आरोपी महिला पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाल रहा था, जिसे महिला ने बार-बार ठुकरा दिया। जब महिला ने तंग आकर उसे अपने पति से शिकायत करने और समाज में बेइज्जत करने की धमकी दी, तो आरोपी ने प्रतिशोध में उसके इकलौते बेटे को खत्म करने की साजिश रची।
कैसे दी वारदात को अंजाम?
27 फरवरी की दोपहर, आरोपी ने ऋषिकेश को मिठाई का लालच दिया और घर के पास से उठाकर सुनसान चंवर (मैदान) में ले गया। आरोपी ने धारदार हथियार से बच्चे के दोनों हाथों और पैरों के पंजे काट दिए। उसने पुलिस को बताया कि उसने पंजे इसलिए काटे ताकि अत्यधिक रक्तस्राव से बच्चे की मौत हो जाए और यदि वह जीवित बचे तो भाग न सके। हालांकि, हत्या के बाद उसने आनन-फानन में करीब दो फीट गहरा गड्ढा खोदकर शव को वहीं दफना दिया।

खुलासा कैसे हुआ;
बच्चा 27 फरवरी से गायब था और परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। 10 दिन बाद, 8 मार्च की सुबह कुछ आवारा कुत्तों को चंवर में गड्ढा खोदते देख ग्रामीणों को संदेह हुआ। वहां से आने वाली दुर्गंध के बाद जब लोगों ने पास जाकर देखा, तो ऋषिकेश का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर अपने मासूम बेटे की पहचान की।
परिजनों का आरोप और पुलिस की कार्रवाई;
मृतक के पिता अशोक सिंह ने बताया कि सिकंदर पहले भी उनके घर में चोरी कर चुका था और बेटे के गायब होने के बाद से फरार था। वहीं, मां सोनी ने रोते हुए बताया कि आरोपी उसे लगातार बर्बाद करने की धमकी दे रहा था। इसके अलावा एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के अनुसार, परिजनों के शक और आरोपी के संदिग्ध आचरण के आधार पर उसे हिरासत में लिया गया था। कड़ी पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पुलिस अब साक्ष्य जुटाकर आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की प्रक्रिया में जुटी है।