सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के प्रचार अभियान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बुधवार को राज्य में केंद्रीय नेतृत्व के साथ-साथ तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों का जमावड़ा लग रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी एनडीए प्रत्याशियों के लिए चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। इन दिग्गज नेताओं का बिहार दौरा न केवल कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करेगा, बल्कि यह भी दर्शाता है कि पार्टी ने बिहार में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए पूरी रणनीति बना ली है।
अमित शाह आज करेंगे तीन जनसभाएं, दरभंगा से शुरुआत
भाजपा के शीर्ष पांच स्टार प्रचारकों में शामिल गृह मंत्री अमित शाह आज बुधवार को तीन जनसभाओं को संबोधित करेंगे। उनकी पहली जनसभा दरभंगा जिले के अलीनगर विधानसभा क्षेत्र में होगी। इसके बाद शाह समस्तीपुर जिले के रोसड़ा विधानसभा क्षेत्र और बेगूसराय जिले के भगवानपुर में एनडीए प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील करेंगे। इन तीन जनसभाओं को संबोधित करने के बाद शाह आज रात पटना में ही विश्राम करेंगे। बुधवार की शाम का समय उनके लिए आरक्षित (रिजर्व) रखा गया है।
अगले दिन, यानी 30 अक्टूबर को भी अमित शाह का व्यस्त कार्यक्रम है। वह चार विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इनमें लखीसराय, तारापुर, हिलसा और पालीगंज विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं, जहां वह जनता से एनडीए प्रत्याशियों के लिए समर्थन मांगेंगे।
राजपूत वोट बैंक पर फोकस, राजनाथ सिंह की तीन रैलियां
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी बुधवार को तीन महत्वपूर्ण जनसभाओं को संबोधित करेंगे। उनकी पहली जनसभा दरभंगा के हायाघाट, दूसरी बाढ़ और तीसरी छपरा में आयोजित की गई है। इन सीटों के चयन में एक खास समीकरण पर ध्यान दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, तीनों सीटों पर क्षत्रिय बहुल (राजपूत) मतदाताओं का निर्णायक वोट बैंक है। इसी वोट बैंक को साधने के लिए प्रत्याशियों की मांग पर पार्टी ने राजनाथ सिंह की तीन जनसभाओं का कार्यक्रम निर्धारित किया है।
तीन राज्यों के मुख्यमंत्री भी मैदान में
केंद्रीय मंत्रियों के अलावा, भाजपा शासित तीन महत्वपूर्ण राज्यों के मुख्यमंत्री भी बिहार में चुनाव प्रचार का मोर्चा संभालेंगे। बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की तीन-तीन जनसभाएं होंगी। इन नेताओं की मौजूदगी से क्षेत्रीय आबादी और समीकरणों को साधने की कोशिश की जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी का रोड शो भी तय
पार्टी की ओर से बताया गया है कि इन सभी कार्यक्रमों के अगले दिन यानी 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा तय है। शीर्ष नेतृत्व के लगातार और सघन दौरे यह स्पष्ट करते हैं कि भाजपा बिहार विधानसभा चुनाव में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती है। पार्टी का उद्देश्य हर क्षेत्र और हर वर्ग की आबादी को देखते हुए अपने शीर्ष नेताओं की सभाएं आयोजित कर अधिकतम वोट हासिल करना है।