बिहार में राज्यसभा चुनाव की दहलीज पर सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। सोमवार को होने वाले मतदान से पहले रविवार को राजधानी पटना बैठकों और रणनीतियों का केंद्र बनी रही। एनडीए और महागठबंधन, दोनों ही खेमे अपनी-अपनी गोटियां सेट करने में जुटे हैं।
एनडीए का ‘मैराथन’ बैठकों का दौर;
सत्ताधारी गठबंधन की ओर से एकजुटता दिखाने और जीत सुनिश्चित करने के लिए बैठकों का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया। सबसे पहले जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के घर एनडीए के दिग्गज जुटे। इसमें बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल (संजय सरावगी और अन्य नेता), केंद्रीय पर्यवेक्षक विजय शर्मा और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हुए। दोपहर में एक तरफ मंत्री लेसी सिंह के आवास पर जदयू विधायकों की बैठक हुई, तो दूसरी तरफ स्टेट गेस्ट हाउस में भाजपा के आला नेताओं ने चुनावी समीकरणों को परखा। दिन भर की बैठकों के बाद, शाम को मंत्री विजय चौधरी के आवास पर एनडीए के सभी घटक दल दोबारा बैठेंगे, जहाँ कल के लिए अंतिम ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा।

विपक्ष की चाल और इफ्तार की सियासत;
इधर, महागठबंधन में भी हलचल कम नहीं है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के एआईएमआईएम (AIMIM) की इफ्तार पार्टी में शामिल होने की खबर ने सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। पोस्टर में तेजस्वी की मौजूदगी को ओवैसी की पार्टी और राजद के बीच बढ़ती नजदीकी या राज्यसभा चुनाव के लिए समर्थन जुटाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
दावों का दौर;
बैठकों के बीच बयानों के तीर भी चले। जेडीयू कोटे के मंत्री श्रवण कुमार ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा- “महागठबंधन चाहे जो भी दावा कर ले, लेकिन राज्यसभा चुनाव का परिणाम एनडीए के पक्ष में ही रहेगा। हमारी तैयारी पूरी है और जीत तय है।”