भारतीय जनता पार्टी ने बिहार की राजनीति में बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए राज्य के कद्दावर नेता और पांच बार के विधायक नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक नितिन नबीन फिलहाल नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार में सड़क निर्माण विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनके राष्ट्रीय स्तर पर अहम पद पर पहुंचते ही बिहार की सियासत में नई अटकलें तेज हो गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ खड़ा हुआ है कि नीतीश कैबिनेट में अब नितिन नबीन की खाली होने वाली जगह कौन लेगा? इसी के साथ भाजपा खेमे में संभावित नए मंत्री को लेकर मंथन तेज हो गया है और पार्टी के कई नेताओं के नाम चर्चा में आने लगे हैं।
बीजेपी के भीतर लंबे समय से लागू ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के सिद्धांत के चलते नितिन नबीन की नई जिम्मेदारी सीधे नीतीश कैबिनेट पर असर डाल सकती है। 45 साल की उम्र में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बने नितिन नबीन अब संगठन में बड़ी भूमिका निभाएंगे, ऐसे में उन्हें बिहार सरकार में मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है। इसी संभावित फेरबदल ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कैबिनेट में नितिन नबीन की जगह भरने को लेकर बीजेपी के भीतर मंथन तेज हो गया है। इस रेस में तीन नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं— संजय मयूख, संजीव चौरसिया और अरुण सिन्हा। तीनों नेताओं की अपनी-अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि, संगठन में पकड़ और क्षेत्रीय संतुलन को देखते हुए पार्टी उन्हें संभावित विकल्प के तौर पर देख रही है। सवाल यह है कि इन तीनों में से किसे पार्टी का भरोसा मिलेगा और आखिर क्यों इन्हीं नामों पर चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है। वहीं, इसके पीछे की राजनीतिक वजहें अब धीरे-धीरे सामने आ रही हैं।

संजय मयूख: बिहार कैबिनेट में नितिन नबीन की जगह लेने वालों में एक नाम संजय मयूख का भी चल रहा है। कायस्थ समाज से आने वाले संजय मयूख बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं। डॉ. संजय मयूख को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राजथान सिंह सहित पार्टी के कई बड़े नेताओं के करीबी माने जाते हैं। मूल रूप से वैशाली के रहने वाले डॉ. संजय मयूख के पिता सरकारी स्कूल में शिक्षक रहे हैं। मीडिया की लाइमलाइट से दूर रहने वाले संजय मयूख को पार्टी संगठन के लिए जमीन पर काम करने वाला अनुशासित नेता माना जाता है।

संजीव चौरसिया: वैश्य समाज से आने वाले संजीव चौरसिया की गिनती बिहार बीजेपी के बड़े नेताओं में होती है। सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद के पुत्र संजीव चौरसिया बिहार के दीघा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। साथ ही बीजेपी की बिहार इकाई के प्रदेश महामंत्री भी हैं। नीतीश कैबिनेट में जाति संतुलन को देखते हुए संजीव चौरसिया को बीजेपी मंत्री बना सकती है।

अरुण सिन्हा: नितिन नबीन की नीतीश कैबिनेट में जगह लेने वालों में एक नाम अरुण सिन्हा भी चल रहा है। पटना की कुम्हरार विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक रहे अरुण सिन्हा को मंत्री बनाकर बीजेपी नीतीश कैबिनेट में भी अपना कायस्थ समाज का चेहरा बरकरार रख सकती है। हालांकि अरुण सिन्हा इस बार चुनाव नहीं लड़े थे, ऐसे में बीजेपी उन्हें सम्राट चौधरी की खाली हुई विधान परिषद की सीट से एमएलसी बनाकर नीतीश सरकार में एंट्री करा सकती है।