Vande Mataram New Rules: बिहार सरकार का बड़ा फैसला, राष्ट्र गीत के लिए जारी हुई नई गाइडलाइन; जानें 5 बड़ी बातें…

Ritu Raj

बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने गृह मंत्रालय (भारत सरकार) के मानकों के अनुरूप राष्ट्र गीत के गायन और वादन को लेकर नई नियमावली जारी की है। इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्र गीत की गरिमा और उसके प्रति नागरिकों में सम्मान सुनिश्चित करना है।

गायन और क्रम से जुड़े नियम;
किसी भी औपचारिक कार्यक्रम में यदि राष्ट्र गान (जन-गण-मन) और राष्ट्र गीत (वंदे मातरम्) दोनों प्रस्तुत किए जाने हों, तो पहले राष्ट्र गीत और उसके बाद राष्ट्र गान का गायन या वादन किया जाता है। राष्ट्र गीत के आधिकारिक संस्करण की कुल अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड मानी गई है।

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शिष्टाचार और आचरण;
जब राष्ट्र गीत या राष्ट्र गान का औपचारिक रूप से गायन या वादन हो रहा हो, तब सभी उपस्थित लोगों को सम्मान स्वरूप ‘सावधान’ की मुद्रा में खड़ा होना चाहिए। हालांकि, यदि किसी फिल्म या डॉक्यूमेंट्री के दौरान राष्ट्र गीत प्रस्तुत किया जाता है, तो दर्शकों के लिए खड़ा होना अनिवार्य नहीं है, ताकि प्रदर्शन में कोई व्यवधान न आए।

आधिकारिक वादन के अवसर;
राष्ट्र गीत को कुछ विशेष और महत्वपूर्ण अवसरों पर बजाना अनिवार्य माना गया है। इनमें प्रमुख रूप से राजकीय समारोह शामिल हैं, जैसे राष्ट्रपति या राज्यपाल के आगमन और प्रस्थान के समय। इसके अलावा, आकाशवाणी और दूरदर्शन पर राष्ट्रपति के संबोधन से पहले और बाद में भी इसका वादन किया जाता है। परेड के दौरान जब तिरंगा लाया जाता है या किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम में ध्वजारोहण होता है, तब भी राष्ट्र गीत बजाया जाता है। साथ ही, नागरिक सम्मान समारोह (इन्वेस्टिचर सेरेमनी) के दौरान भी इसका उपयोग किया जाता है।

शैक्षणिक संस्थानों के लिए दिशा-निर्देश;
बिहार के सभी विद्यालयों में दिन की शुरुआत राष्ट्र गीत के सामूहिक गायन से करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, स्कूलों को यह भी कहा गया है कि वे विद्यार्थियों में राष्ट्र गीत, राष्ट्र गान और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष गतिविधियाँ और कार्यक्रम आयोजित करें।

सामूहिक गायन की तैयारी;
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राष्ट्र गीत के प्रभावी सामूहिक गायन के लिए आवश्यक तैयारियाँ करना जरूरी है। इसके तहत पर्याप्त संख्या में गायक (कोयर) और उचित ध्वनि व्यवस्था (लाउडस्पीकर) सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही, उपस्थित लोगों की सुविधा के लिए राष्ट्र गीत के आधिकारिक बोल भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं, ताकि सभी लोग आसानी से इसमें भाग ले सकें।

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