आईपीएल को अक्सर ‘बल्लेबाजों का खेल’ कहा जाता है, जहाँ चौकों-छक्कों की बरसात होती है। लेकिन क्रिकेट की एक पुरानी कहावत है कि “बल्लेबाज आपको मैच जिताते हैं, पर गेंदबाज आपको टूर्नामेंट जिताते हैं।” यही कारण है कि ऑक्शन में फ्रेंचाइजी अब गेंदबाजों पर पानी की तरह पैसा बहाती हैं। इसी गेंदबाजी कौशल को सम्मानित करने के लिए हर साल ‘पर्पल कैप’ दी जाती है।

क्या है पर्पल कैप का नियम?
पूरे टूर्नामेंट के दौरान जिस गेंदबाज के नाम सबसे ज्यादा विकेट होते हैं, वह इस कैप को पहनता है। फाइनल मैच के बाद, सीजन के ‘लीडिंग विकेट टेकर’ को आधिकारिक तौर पर पर्पल कैप विजेता घोषित किया जाता है।

इतिहास के पन्नों से;
आईपीएल के शुरुआती सीजन (2008) में गेंद से कहर बरपाने वाले गेंदबाज पाकिस्तान के सोहैल तनवीर थे। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए मात्र 11 मैचों में 22 विकेट चटकाए थे और इतिहास के पहले पर्पल कैप विनर बने। हालांकि, इसके बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों के खेलने पर रोक लग गई थी।

महारथी जिन्होंने दो बार जमाया कब्जा;
| गेंदबाज | टीम | सीजन |
| भुवनेश्वर कुमार | सनराइजर्स हैदराबाद | 2016, 2017 |
| ड्वेन ब्रावो | चेन्नई सुपर किंग्स | 2013, 2015 |
| हर्षल पटेल | RCB (2021), पंजाब किंग्स (2024) | 2021, 2024 |
एक सीजन में ‘विकेटों का शिखर’;
अगर बात एक ही सीजन में सबसे घातक गेंदबाजी की हो, तो दो नाम सबसे ऊपर आते हैं। एक सीजन में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड संयुक्त रूप से ड्वेन ब्रावो और हर्षल पटेल के नाम है:
ड्वेन ब्रावो (2013): 32 विकेट
हर्षल पटेल (2021): 32 विकेट