लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधित बिलों पर चर्चा के दूसरे दिन राहुल गांधी ने सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने इस बिल को महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ बताते हुए प्रधानमंत्री पर परोक्ष रूप से तीखे तंज कसे।

राहुल गांधी के भाषण के 4 प्रमुख बिंदु;
1) ‘पकड़ा गया जादूगर’: राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा जानती है कि यह बिल मौजूदा स्वरूप में पास नहीं हो सकता। उन्होंने बालाकोट, नोटबंदी और सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि “जादूगर अब पकड़ा गया है।” भाजपा सिर्फ चुनावी नक्शा बदलने के लिए इस बिल का सहारा ले रही है।
2) चुनावी भूगोल बदलने की कोशिश: उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि सत्ता खोने के डर से निर्वाचन क्षेत्रों के नक्शे बदले जा रहे हैं, जैसा असम में किया गया। राहुल ने स्पष्ट किया कि विपक्ष एकजुट होकर इस कोशिश को नाकाम करेगा।
3) पीएम पर निजी और कूटनीतिक प्रहार: राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने दबाव में आकर अमेरिका के साथ एक ऐसा समझौता किया है, जिसे कोई भी भारतीय पीएम स्वीकार नहीं करता। उन्होंने 16 अप्रैल की तारीख का हवाला देते हुए पीएम की ऊर्जा पर भी टिप्पणी की।
4) वंचित वर्गों के साथ ‘क्रूरता’: इस बिल को दलितों और ओबीसी वर्ग के लिए “क्रूर” करार देते हुए राहुल ने कहा कि यह कानून उनके अधिकारों को छीनने का प्रयास है।

सदन में हंगामा और कार्रवाई;
राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री के लिए “जादूगर” जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर एनडीए सांसदों ने कड़ा विरोध जताया। सांसदों ने इसे प्रधानमंत्री का अपमान बताया, जिसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी के विवादित बयानों को सदन की कार्यवाही से हटा दिया।